भागलपुर विशेष कारा में शराबियों की लत दूर करने के लिए पाठशाला, कैदी कराएंगे योग, देंगे नैतिक शिक्षा का ज्ञान

विशेष केंद्रीय कारा में नशा मुक्ति दिवस पर हुई औपचारिक शुरुआत। योग विधा में दक्ष बंदी कराएंगे योग जेल अधीक्षक बांटेंगे नैतिक शिक्षा का ज्ञान। भुजंगासन मंडूकासन वक्रासन शलभासन शीर्षासन भस्त्रिका प्राणायाम की योग साधना से बदलेगा बंदियों का संस्कार।

Dilip Kumar ShuklaFri, 26 Nov 2021 10:52 PM (IST)
शराब सेवन में गिरफ्तार बंदियों समेत जेल में मौजूद अन्य बंदी उठा रहे लाभ

भागलपुर [कौशल किशोर मिश्र]। भागलपुर के विशेष केंद्रीय कारा में बंद शराबियों व अन्य बंदियों को नशीले पदार्थों के सेवन की लत छुड़ाकर उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए योग पाठशाला शुरू की गई है। उसमें बंदियों को न सिर्फ योग-साधना की दीक्षा दी जाएगी बल्कि नशे के सेवन से होने वाले दूरगामी परिणामों से बचाने के भी टिप्स दिए जाएंगे। साथ ही उन्हें नैतिक शिक्षा भी दी जाएगी। विशेष केंद्रीय कारा के बहुद्देश्यीय प्रशाल में शुक्रवार को नशा मुक्ति दिवस के मौके पर नशा पान न करने संबंधी शपथ ग्रहण समारोह के बाद इस पाठशाला की औपचारिक शुरुआत की गई है। उसमें योग विधा में दक्ष बंदी 22 साथी बंदियों को भुजंगासन, मंडूकासन, वक्रासन, शलभासन, शीर्षासन, सवासन सहित भस्त्रिका प्राणायाम कराकर उन्हें तनाव मुक्त व उर्जावान बना रहे हैं। वहां के कारा अधीक्षक उन्हें नशा सेवन से होने वाले दूरगामी खतरों से बचाने व नैतिक शिक्षा संबंधी टिप्स भी दे रहे हैं। उसमें आबकारी विभाग के विशेष न्यायालय से यहां भेजे गए बंदी रवि, हेमंत शर्मा, मिथुन कुमार, अजय उर्फ छंगु, लखन कुमार, विनोद चौधरी, सौरभ कुमार, आशीष कुमार, सहदेव कुमार आदि भी शामिल हुए। यह पाठशाला शनिवार प्रात: से नियमित रूप से चलने लगेगी।

कारा महानिरीक्षक की स्वीकृति से किया गया शुरू

जेल अधीक्षक मनोज कुमार जेल महानिरीक्षक मिथिलेश मिश्रा की स्वीकृति से यह रचनात्मक कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें विशेष केंद्रीय कारा के उपाधीक्षक अशोक कुमार, राकेश कुमार सिंह समेत अन्य जेलकर्मी भी सहयोग कर रहे हैं।

योग-साधना और नैतिकता का पढ़ाया जा रहा पाठ

शराब के नशे में पकड़े जाने वाले आरोपितों को शराब की बुरी लत छुड़ाने और जेल में बंद अन्य बंदियों को गांजा, भांग आदि की लत छुड़ाने के लिए विशेष केंद्रीय कारा प्रशासन ने इस पाठशाला की नींव रखी है। शनिवार से दो पालियों में चलने वाली पाठशाला का प्रात:कालीन सत्र दो घंटे और सायंकालीन सत्र ढाई घंटे का होगा। प्रात:कालीन सत्र में योग साधना के तहत भुजंगासन, मंडूकासन, वक्रासन, शलभासन, शीर्षासन, उत्तानपादासन, सवासन आदि कराए जाएंगे। बंदियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने सहित तनाव मुक्त व उर्जावान बनाने के लिए उन्हें योगासन के अलावा नियमित भस्त्रिका प्राणायाम भी कराया जाएगा। सायंकालीन सत्र में आत्मबल बढ़ाने वाले प्रेरक प्रसंग, उत्साह बढ़ाने वाली कहानियां और सत्संग में भजन का सत्र भी चलेगा। इसमें अन्य बंदी भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस सत्र में उन्हें उनके परिवार की खुशहाली और बाल-बच्चों के स्वर्णिम भविष्य का वास्ता दे नैतिकता की घुट्टी पिलाई जाएगी। ताकि नशे की लत को तौबा कर वह अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन यापन कर सकें।

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