बिहार में 25 फर्जी बैंक खाते से लेनदेन करता था टीएमसी नेता शराब तस्कर मुर्शीद, नोएडा के व्‍यापारी का भी आया नाम

शराब तस्करी में नोएडा के एक माल व्यापारी का नाम भी जांच में आया सामने। माल खोलने के पहले मुर्शीद के साथ दालकोला में रहकर करता था शराब तस्करी। यूपी बार्डर से लेकर झारखंड बार्डर तक फैला है शराब तस्कर मुर्शीद का नेटवर्क।

Dilip Kumar ShuklaPublish:Sun, 28 Nov 2021 07:58 PM (IST) Updated:Sun, 28 Nov 2021 07:58 PM (IST)
बिहार में 25 फर्जी बैंक खाते से लेनदेन करता था टीएमसी नेता शराब तस्कर मुर्शीद, नोएडा के व्‍यापारी का भी आया नाम
बिहार में 25 फर्जी बैंक खाते से लेनदेन करता था टीएमसी नेता शराब तस्कर मुर्शीद, नोएडा के व्‍यापारी का भी आया नाम

पूर्णिया [राजीव कुमार]। बंगाल से पकड़ में आए शराब तस्कर से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। उसने पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे किए हैं। उसने पुलिस के समक्ष उन फर्जी बैंक खातों के संबंध में भी जानकारी दी है जिसके सहारे शराब कारोबार एवं नकली शराब बनाने के लिए स्रपीट की खरीद बिक्री का काम करता था। शराब तस्कर मुर्शीद ने बताया की उसके द्वारा 25 फर्जी बैंक खाते खुलवाए गये थे और उसी से वह लेनदेन करता था ताकि वह जांच में पकड़ में नहीं आए।

इसी बैंक खातों में शराब की तस्करी की रकम मंगाता भी था और इसी बैंक खातों से वह भुगतान भी करता था। बिहार में 2016 में शराबबंदी लागू होने के पूर्व मुर्शीद नकली शराब तैयार करने का काम अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर करता था। लेकिन बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पांच वर्षों में उसके दिन फिर गए और वह शराब तस्करी का बेताज बादशाह बन गया। शुरू में शराब तस्करी के काम में उसे एक अन्य व्यक्ति जो उसका प्रमुख शागिर्द था और जो अभी नोएडा में कपड़े के माल का संचालन करता था उसका मुख्य सहयोगी था। लेकिन बाद में उसने अपने को कपड़ा व्यापार में शिफ्ट कर लिया।

शराब तस्कर मुर्शीद ने पुलिस को बताया की उसका मुख्य सहयोगी जो अभी नोएडा में कपड़े का कारोबार कर रहा है वह भी शराब तस्करी में उसका मुख्य सहयोगी है। उसके द्वारा शराब तस्करी के मामले में दूसरे राज्यों से शराब की खेप कैसे मनाई जाए यह उसी के द्वारा तय किया जाता है।

यूपी बार्डर से लेकर झारखंड तक फैला है मुर्शीद का नेटवर्क

बंगाल के शराब तस्कर मुर्शीद द्वारा बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी की जाती थी। उसके द्वारा ना केवल दालकोला के कई ठिकानों पर कई ब्रांड की विदेशी शराब तैयार कर उसे बिहार के जिलों में ना केवल खपाया जाता था बल्कि कई दूसरे राज्यों से मंगाई गयी शराब भी उसके द्वारा बिहार के जिलों में भेजी जाती थी। यही वजह है की शराब तस्कर मुर्शीद गिरोह का तार यूपी सीमा से लेकर झारखंड एवं बिहार के कई जिलों में फैला हुआ था। पुलिस अब उससे मिली जानकारी के आधार पर उसका सत्यापन कर रही है। मुर्शीद के पास से बरामद मोबाइल फोन का भी पुलिस डिटेल खंगाल रही है ताकि उसके द्वारा बिहार एवं सीमावर्ती इलाकों में गिरोह के जिन सदस्यों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गयी है उनसे कब और कितनी बार बात हुई है इसका खुलासा हो पाए।

छह वर्षों में मुर्शीद ने बनाई अकूत संपति

सूबे में शराबबंदी लागू होने के बाद कई ठिकानों पर नकली विदेशी शराब तैयार कर और उसे बिहार के जिलों में खपाकर शराब तस्कर मुर्शीद ने छह वर्षों के दौरान अकूत संपति जुटा ली है। अवैध कमाई होने के बाद वह स्थानीय स्तर पर टीएमसी का नेता भी बन गया और दूसरे शराब तस्करों को भी संरक्षण देने लगा। टीएमसी नेता होने के कारण स्थानीय पुलिस भी मुर्शीद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से बचती थी। बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में शराब की तस्करी एवं कारोबार करने वालों के बीच मुर्शीद का इतना खौफ हैं की कोई भी बिना इसकी इजाजत एवं कमीशन दिए शराब तस्करी का कार्य नहीं कर सकता है।

बंगाल के पकड़ में आए शराब तस्कर से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं इसकी जांच के लिए टीम का गठन किया गया है, जिन फर्जी बैंक खातों से रूपए के लेन देन की बात मुर्शीद द्वारा बताई गयी है उसका भी डिटेल बैंकों से मांगा या है। - दयाशंकर एसपी पूर्णिया