अगस्त माह धर्म आध्यत्म के लिए है खास, रक्षा बंधन, कृष्णाष्टमी सहित डेढ़ दर्जन से ज्यादा पर्व मनाए जाएंगे, कई शुभ संकेत, जानिए

अगस्त माह में डेढ़ दर्जन से ज्यादा पर्व मनाए जांएगे। रक्षा बंधन कृष्णाष्टमी सहित सावन के तीन सोमवार भी शामिल है। कई शुभ संयोग भी इस माह को दे रहा शुभ संकेत! सावन माह होने के लिए यह माह शिव विशेष प्रिय है।

Dilip Kumar ShuklaSun, 01 Aug 2021 10:56 AM (IST)
अगस्त माह शिव को विशेष प्रिय है।

संवाद सहयोगी, भागलपुर। अगस्त माह आज रविवार से आरंभ हो गया । इस माह में पवित्र सावन पूरा होने के साथ भादो मास का भी आगमन होगा। डेड़ दर्जन से ज्यादा पर्व त्योहार इस माह के महत्व को बढ़ा रहे हैं। अगस्त में ही सावन के तीन सोमवार सहित रक्षाबंधन, कृष्णाष्टमी जैसे महत्पूर्ण पर्व पड़ेंगे।

डेढ़ दर्जन पर्व त्योहार इस माह

बूढ़ानाथ के आचार्य पंडित टुन्नाजी के अनुसार अगस्त में सबसे पहले कामिका एकादशी पड़ेगी, इसके बाद प्रदोष व्रत, सावन अमावस्या, हरतालिका तीज, नाग पंचमी, स्कन्द षष्ठी, ङ्क्षसह संक्रांति, रक्षाबंधन, कजरी तीज व कृष्ण जन्माष्टमी सहित करीब डेढ़ दर्जन पर्व त्योहार आएंगे।

बुधवार चार अगस्त को कामिका एकादशी व्रत रखा जाएगा। दरअसल सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि जो भगवान विष्णु को समर्पित है, कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। प्रदोष व्रत गुरुवार, पांच अगस्त को रखा जाएगा। मासिक शिवरात्रि शुक्रवार छ अगस्त को पड़ेगी। यूं तो मुख्यरूप से महाशिवरात्रि का महत्व माना ही जाता है, परंतु हर माह पडऩे वाली शिवरात्रि भी काफी महत्व रखती है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। हरियाली अमावस्या रविवार, आठ अगस्त के दिन पड़ रही है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान के अलावा अमावस्या तिथि पर पितरों की आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड किए जाने की मान्यता है।

हरतालिका तीज बुधवार, 11 अगस्त को मनाइ जाएगी। हरतालिका तीज सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाइ जाती है। इस दिन पति की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए शादीशुदा महिलाएं व्रत रखती हैं।

गुरुवार 12 अगस्त को विनायक चतुर्थी पड़ रही है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलने के साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं। शुक्रवार 13 अगस्त को नाग पंचमी पर्व है। 15 अगस्त को तुलसीदास जयंती है, वहीं इस दिन स्वतंत्रता दिवस भी मनाया जाएगा। सूर्य के अपने ही स्वामित्व वाला ङ्क्षसह राशि के प्रवेश को ङ्क्षसह संक्रांति के नाम से जाना जाता है, इस बार यह मंगलवार, 17 अगस्त को है। यहां सूर्य उच्च के होते हैं। ङ्क्षसह संक्रांति के दिन सूर्य की विशेष पूजा की जाती है। बुधवार, 18 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी पड़ रही है। इस दिन संतान प्राप्ति व सुख के लिए व्रत रखा जाता है। दूसरा प्रदोष ङ्क्षहदू कैलेंडर के अनुसार सावन में शुक्रवार, 20 अगस्त को रखा जाएगा। रविवार 22 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा है। भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाए जाने वाला कजरी तीज या भादौ तीज का पर्व बुधवार 25 अगस्त को मनाया जाएगा। कृष्ण जन्माष्टमी सोमवार, 30 अगस्त को मनाया जाएगा।

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