मुंगेर में डिप्टी सीएम के स्वागत में व्यस्त थीं मुख्य पार्षद, इधर हो गया बड़ा खेल, किसी भी समय छिन सकती है कुर्सी

जिस समय हवेली खड़गपुर की मुख्य पार्षद डिप्टी सीएम के स्वागत कार्यक्रम में व्यस्त थीं उसी समय उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा था। अब हालात ऐसे हैं कि किसी भी समय उनकी कुर्सी छिन सकती है। इसके लिए वार्ड पार्षद गोलबंद हो गए हैं। पढ़ें...

Shivam BajpaiSun, 25 Jul 2021 09:49 PM (IST)
हवेली खड़गपुर नगर परिषद की मुख्य पार्षद की छिन सकती है कुर्सी।

संवाद सूत्र, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। हवेली खड़गपुर नगर परिषद की मुख्य पार्षद रुबी देवी की कुर्सी किसी भी समय जा सकती है। कुर्सी से हटाने के लिए पार्षद एकजुट हो गए हैं। ऐसे में इस बार मुख्य पार्षद की कुर्सी बचती नहीं दिख रही है। नगर परिषद के 18 में से 11 पार्षदों ने मुख्य पार्षद के विरुद्ध में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए हस्ताक्षर युक्त आवेदन कार्यालय में जमा कर दिया है। सोमवार को इस पर कार्यपालक पदाधिकारी निर्णय लेंगे।

दरअसल, नगर परिषद में 18 पार्षदों में वार्ड संख्या 12 की उषा देवी, वार्ड संख्या 10 की दीपा केसरी, वार्ड संख्या 14 की हेमलता केसरी, वार्ड संख्या नौ की बतुलन बीबी, वार्ड संख्या आठ की निर्मला देवी, वार्ड संख्या एक के उमेश मंडल, वार्ड संख्या दो के गैबी मांझी, वार्ड संख्या पांच के अमित कुमार सिंह, वार्ड संख्या छह की राजो देवी, वार्ड संख्या 11 की सुनीता देवी व वार्ड संख्या 15 के शंभू केसरी ने अपना अविश्वास प्रस्ताव के लिए समर्थन देते हुए संयुक्त रुप से हस्ताक्षर युक्त आवेदन दिया है।

डिप्टी सीएम कार्यक्रम में थीं, इधर हो गया खेल

शनिवार को मुख्य पार्षद डिप्टी सीएम और पंचायती राज मंत्री के कार्यक्रम में थीं। दोनों का स्वागत भी किया। इधर, पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने का षड़यंत्र कर रहे थे। 11 पार्षदों की रजामंदी के बाद सभी मुख्य पार्षद को कुर्सी से हटाने की बिसात बिछ गई। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि मुख्य पार्षद अपनी कुर्सी बचाने में कामायाब होती है या दूसरा पक्ष। अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन दिए जाने के बाद नगर में चर्चाएं भी खूब हो रही है।

पार्षदों ने कहा-नहीं हुआ वार्ड में काम

अविश्वास प्रस्ताव के लिए दिए गए आवेदन में पार्षदों ने कहा है कि मुख्य पार्षद का 10 माह का कार्यकाल बिल्कुल निराशाजनक व नगर के विकास को बाधित करने वाला रहा है । 10 माह के कार्यकाल में सिर्फ एक बार मासिक बैठक बुलाई गई है । जिस कारण वार्ड पार्षद अपनी वार्ड की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं । कोरोना काल में कभी भी किसी वार्ड की समस्या जानने की प्रयास नहीं किया और न ही क्षेत्र के लोगों की समस्या को जानना चाहा। पक्षपात कर 18 वार्डों में मात्र नौ वार्ड के योजनाओं की निविदा निकाली गई ।

नौ वार्डों पर नहीं गया ध्यान

पार्षदों ने कहा कि नप के शेष नौ वार्ड का निविदा आज तक निकालने का प्रयास नहीं किया गया। नल-जल योजना के तहत पीएचइडी विभाग ने नगर के सड़कों को क्षत विक्षत कर दिया। लेकिन, पानी की आपूर्ति नहीं किए जाने पर मुख्य पार्षद ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विभागीय या किसी सरकारी बैठक में सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई । लेकिन नगर की समस्या को रखने का काम नहीं किया । पूर्व की भांति तीन गुना अधिक राशि खर्च करने के बावजूद भी सफाई में कोई सुधार नहीं हो पाया। बिरहा में दिए गए शब्दों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है । पिछले तीन वर्षों से वार्ड पार्षदों का नियमित मासिक भत्ता का भुगतान नहीं किया गया है । इस पर भी मुख्य पार्षद द्वारा कोई प्रयास नहीं किया गया । नगर क्षेत्र में लगाए गए एलइडी लाइट की मरम्मती पक्षपात पूर्ण तरीके से किया जाता है। जिसका खामियाजा हम सभी वार्ड पार्षदों को भुगतना पड़ता है।

'शनिवार को डिप्टी सीएम और मंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त थे। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कार्यालय में पार्षदों ने आवेदन दिया होगा । इसके बारे में सोमवार को ही बता पाएंगे।'-प्रथमा पुष्पांकर, कार्यपालक पदाधिकारी।

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