सर, मैं नहीं लेना चाहता कोरोना वैक्सीन का तीसरा डोज, भागलपुर में परिवाद दायर कर लगाई रक्षा की गुहार

भागलपुर जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां सुनवाई में एक युवक ने कहा कि वे कोरोना वैक्सीन का दोनों डोज ले चुके हैं। दूसरा डोज लेने के बाद भी पहला डोज की ही एंट्री हुई। यहीं से गड़बड़ी शुरू हुई है।

Dilip Kumar ShuklaTue, 03 Aug 2021 08:29 AM (IST)
कोरोना टीकाकरण में लगातार लापरवाही बरती जा रही है।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। सर, मैं कोरोना वैक्सीन का तीन डोज नहीं लेना चाहता। दूसरा डोज लेने के बाद भी पहले डोज की ही एंट्री दिखाई जा रही है। कहा जा रहा है कि आपने दूसरा डोज नहीं लिया है। ऐसा कई और के साथ हुआ है। यह कहना है गोराडीह के एक व्यक्ति का। इस मामले को लेकर उक्त व्यक्ति ने जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी यहां शिकायत दर्ज कराई है।

जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह के यहां सुनवाई के दौरान सिविल सर्जन के प्रतिनिधि की उपस्थिति में गोराडीह निवासी कहा कि वे कोरोना वैक्सीन का दोनों डोज ले चुके हैं। पहला डोज 12 अप्रैल को नदियामा स्वास्थ्य उप केंद्र, गोराडीह में लिए थे। दूसरा डोज 17 जुलाई को लेने के बाद भी फस्र्ट डोज की ही एंट्री हुई। आधार कार्ड व मोबाइल नंबर देने के बाद भी दूसरे डोज की एंट्री नहीं हुई। ऐसे में मुझे तीन डोज लेना पड़ेगा। हम तीन डोज नहीं लेना चाहते। ऐसे और भी मामले में जिसकी कोरोना वैक्सीन लेने के बाद भी एंट्री नहीं हुई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि परिवादी द्वारा लगाए गए आरोप की जांच करते हुए दोषी व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई करें। मामले में निष्पादन प्रतिवेदन के साथ स्वयं अगली निर्धारित तिथि 12 अगस्त को सुनवाई के दौरान उपस्थित रहें।

आक्सीजन की व्यवस्था ठीक रहे

सर, मेरा रिश्तेदार जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में भर्ती है। उसके फेफड़े में 75 फीसद संक्रमित है। दिन में चिकित्सक की निगरानी में मरीज को आक्सीजन मिल रही है। लेकिन हम चिंतित हैं कि रात में आक्सीजन की व्यवस्था ठीक रहेगी या नहीं। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने अस्पताल अधीक्षक को मरीज का ख्याल रखते हुए समुचित इलाज कराने का निर्देश दिया।

बिना वेतन के कराया जा रहा काम

ग्वालटोली लेन के नागेश निकुंज ने परिवाद दायर कर कहा है कि सदर अस्पताल प्रबंधन द्वारा नौ वर्षों से लगातार अवैतनिक व बगैर किसी मानदेय के आडियोंमीटर परिचालन का काम कराया जा रहा है। जिसके चलते भुखमरी, बेरोजगारी, बेगारी एवं लाचार हो गए हैं। इस संबंध में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने पांच अगस्त को सारे कागजात के साथ परिवादी को उपस्थित होने के लिए कहा है।

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