जेएलएनएमसीएच में कोरोना विस्फोट, 24 घटे में सात की मौत

जेएलएनएमसीएच में कोरोना विस्फोट, 24 घटे में सात की मौत

भागलपुर। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में कोरोना से मौत मामले में बड़ा विस्फोट हुआ ह

JagranWed, 14 Apr 2021 08:20 AM (IST)

भागलपुर। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में कोरोना से मौत मामले में बड़ा विस्फोट हुआ है. 24 घटे के अंदर अस्पताल में युवक सहित सात लोगों की मौत कोरोना से हुई है. मरने वालों में तीन लोग भागलपुर के ही हैं, इसमें एक निजी स्कूल का शिक्षक भी है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी सूची के अनुसार तीन की मौत मंगलवार को और चार की मौत 12-13 अप्रैल के बीच हुई है. मरने वाले में सबसे कम उम्र की मौत भागलपुर मिरजानहाट रामनगर निवासी 25 वर्षीय युवक की हुई। युवक को रविवार को अप्रैल का मायागंज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहा इसकी मौत इलाज के दौरान हो गई। वहीं, जमुई की रहने वाली 83 वर्षीय महिला पॉजीटिव होने के बाद 10 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती हुई थी। 12 अप्रैल की रात आइसीयू में मौत हो गई। गोड्डा के 45 वर्षीय मरीज को चार दिन पहले भर्ती कराया गया था, जहा इनकी मौत हो गई। --------------------------

देर रात तक पड़ा रहा महिला का शव मेडिकल कॉलेज अस्पताल की आइसीयू में एक महिला की मौत सोमवार की अलसुबह हो गई। महिला कहा से आई थी, इसके बारे में कोई जानकारी अस्पताल प्रबंधन को नहीं है। महिला का शव मंगलवार की रात 11 बजे तक पड़ा रहा। हालाकि इसके बारे में किसी के पास जानकारी नहीं है कि कहा से आई है। वहीं, जमुई के ही 57 वर्षीय मरीज को 9 अप्रैल का अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनकी मौत आइसीयू में हो गई। जबकि मंगलवार की दोपहर झारखंड के साहिबगंज के 47 वर्षीय मरीज की मौत हुई। गोराडीह के रहने वाले 72 वर्षीय मरीज को आठ अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। मंगलवार की दोपहर आइसीयू में हालत गंभीर होने पर भर्ती किया गया था, शाम में मौत हो गई। वहीं, पूíणया गुलाबबाग की रहने वाली 60 वर्षीय महिला की मौत आइसोलेशन वार्ड में हो गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एके दास ने बताया कि विभिन्न जगहों से आए सात मरीजों की मौत अस्पताल में कोरोना से हुई है

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कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, अस्पताल में जगह नहीं है। हर हाल में मास्क का प्रयोग करें। सामाजिक दूरी का पालन करें। मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। -डॉ. एके दास, अस्पताल अधीक्षक।

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