Sand Business in Bihar: जब लखीसराय किऊल नदी के लाल बालू ने कर दिया निराश

Sand business in Bihar बालू खनन बंद रहने से रोजगार निर्माण एवं परिवहन व्यवसाय पर पड़ा है बुरा प्रभाव। पहले भी टेंडर के बाद एनजीटी की आपत्ति से नहीं हुआ खनन कार्य इस बार भी पेंच। खनन विभाग की साइट खोलने पर भोजपुर के बालू घाटों का मिलता है विवरण।

Dilip Kumar ShuklaThu, 21 Oct 2021 03:38 PM (IST)
लखीसराय स्थित लाल बालू से भरी किऊल नदी।

लखीसराय [मृत्युंजय मिश्रा]। किऊल नदी का लाल बालू फिर से निराश कर सकता है। एनजीटी से इजाजत नहीं मिलने के कारण टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो रहा है। वैसे विभाग का दावा है कि 27 अक्टूबर को खुला टेंडर निकाला जाएगा। लंबे इंतजार के बाद पिछले माह राज्य सरकार ने आठ अक्टूबर को लखीसराय एवं जमुई जिले में किऊल नदी के घाटों का निर्धारण करके उसका टेंडर पहले लाटरी फिर ऊंची बोली लगाकर करने का निर्णय लिया था। एक नवंबर से बालू उठाव शुरू हो जाना था। इससे उम्मीद जगी थी कि बालू खनन शुरू होने से जिले के लोगों को फिर से रोजगार मिल सकेगा और सस्ती दर पर बालू मिल सकेगा। विभागीय एवं प्रशासनिक कार्यवाही शुरू ही की गई थी कि एनजीटी ने पहले उनसे बिना प्रमाण पत्र लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने पर रोक लगा दी है। इधर विभाग टेंडर की सारी प्रक्रिया पूरी करन लेने का दावा कर रहा है।

कैबिनैट के फैसले से जगी उम्मीद

लंबे इंतजार के बाद राज्य कैबिनेट ने इस बार जमुई और लखीसराय जिले की किऊल नदी को घाटों में बांटकर टेंडर करने का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद लखीसराय जिले में 10 घाटों पर बालू के उठाव की उम्मीद जगी। नवंबर माह से बालू का उठाव शुरू हो जाने का निर्णय लिया गया। इससे लखीसराय, जमुई, मुंगेर सहित आसपास के जिलों एवं उत्तर-पूर्व बिहार में बालू संकट से शीघ्र मुक्ति मिलने की उम्मीद जग गई है। 20 अक्टूबर तक आनलाइन टेंडर डालने की तिथि निर्धारित थी।

एनजीटी ने की है आपत्ति

राज्य कैबिनेट के निर्णय के बाद जिला स्तर पर खनन कार्यालय से इसकी प्रक्रिया शुरू की गई लेकिन दूसरी तरफ एनजीटी ने फिर से आपत्ति दर्ज कर दी है। एनजीटी का कहना है कि पहले विभाग उससे अनापत्ति लें फिर टेंडर की कार्रवाई शुरू करे। इधर विभाग का कहना है कि वह बालू घाटों की टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्हें एनजीटी की आपत्ति से मतलब नहीं।

विभाग की साइट पर लखीसराय के बदले भेाजपुर का विवरण

खनन विभाग की साइट पर लखीसराय जिले के बदले भोजपुर जिले के बालू घाटों का विवरण मिल रहा है। लोग इसे बड़े पैमाने पर घालमेल बता रहे हैं। जो लोग जिले के बालू घाटों की जानकारी लेना चाह रहे हैं वे इससे वंचित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि अधिक लोग टेंडर में भाग नहीं ले सके इस कारण बड़े पैमाने पर तकनीकी खेल खेला गया है।

लखीसराय जिले के बालू घाटों के लिए टेंडर डालने का काम पूरा कर लिया गया है। 27 अक्टूबर को टेंडर निकाली जाएगी। जो सबसे अधिक बोली लगाएंगे उनके नाम घाट होगा। साइट पर लखीसराय के बदले भोजपुर के बालू घाटों की विवरणी तकनीकी भूल है। - निधि कुमारी, जिला खनन पदाधिकारी, लखीसराय

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