सहरसा : अब निजी स्कूलों को समय पर मिलेगी प्रतिपूॢत राशि, साल भर पहले मिला था आवंटन

निजी स्‍कूलों में निशुल्‍क पढ़ रहे 25 फीसद बच्‍चों के लिए दिया जाता है प्रतिपूर्ति राशि।

सहरसा के निजी स्कूलों में अब प्रतिपूर्ति राशि के वितरण में देरी नहीं होगी। इसके लिए डीएम ने निर्देश जारी किया है। साथ ही डीएम ने प्रतिपूर्ति राशि के वितरण में देरी को लेकर जांच के भी आदेश दिए हैं।

Publish Date:Sat, 05 Dec 2020 11:19 AM (IST) Author: Abhishek Kumar

सहरसा, जेएनएन। जिले के सभी प्रस्वीकृत निजी विद्यालयों को प्रतिपूॢत की राशि मिलेगी। निजी विद्यालयों में अध्ययन करनेवालों छात्रों को नि:शुल्क 12-1 सी के अंतगर्त 25 प्रतिशत नामांकित बच्चों के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 हेतु प्रतिपूॢत की राशि एक वर्ष पहले ही करीब साढे तीन करोड़ रुपये विमुक्त कर दी गयी है। इसके बाद भी अब तक राशि वितरित नहीं की गयी। 

डीईओ के निर्देश के बाद भी डीपीओ स्थापना निजी स्कूलों केा राशि उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इस मामले में राज्य सरकार भी कई बार उपयोगिता मांग चुकी है। इस मामले की शिकायत मिलने पर डीएम ने इसकी जांच का आदेश दे दिया है। इस मामले में राज्य सरकार भी कई बार स्मार पत्र भेजकर उपयोगिता मांगी है।

जिले में कितने निजी स्कूलों को राशि दी गयी यह कहना मुश्किल है। इसके आंकड़े की मांग डीपीओ स्थापना डा. सुनील कुमार से की गयी लेकिन वो देने में टाल मटोल का रवैया अपनाते रहे।

मिली जानकारी अनुसार जिले में प्रस्वीकृत 145 निजी विद्यालयों में से करीब 95 विद्यालयों केा दो-तीन वर्ष का प्रतिपूॢत राशि उपलब्ध करायी गयी है। शेष निजी विद्यालय के संचालक सहित प्राचार्य कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। इस मामले में शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी जयशंकर प्रसाद ठाकुर ने डीपीओ स्थापना से स्पष्टीकरण पूछा है। जिसमें डीपीओ स्थापना द्वारा बताया गया कि राशि का बंटवारा विद्यालयों के बीच किया जा चुका है। जबकि यह सच है कि राशि का बंटवारा पूर्ण रूप से नहीं किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस मामले में राशि की विमुक्ति करने करने का निर्देश दिया है।

डीएम ने दिया जांच का आदेश

प्राइवेट स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षा के अधिकार की राशि नहीं दिए जाने को लेकर जिलाधिकारी से निजी स्कूल संचालकों ने अपनी व्यथा कही थी। जिस मामले में जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन पर ही इसकी जांच का निर्देेश जिला शिक्षा पदाधिकारी केा दिया है। कोरोना काल में एक वर्ष पूर्व मिले आवंटन को अब तक नहीं वितरित किए जाने को लेकर जिलाधिकारी गंभीर हैं। डीएम के निर्देश पर इसकी जांच शुरू कर दी गयी है कि आखिर प्रतिपूॢत की राशि सभी स्कूलों को एक साथ क्यों नहीं बंटी? जबकि यह राशि वित्तीय वर्ष 2014 से ही लंबित है। इधर राज्य स्तर पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी लालिमा ने भी पत्र भेजकर प्रतिपूॢत की गयी राशि से संबंधित सूचना मांगी है। वहीं सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ जियाउल होदा खां ने भी अगस्त माह से ही तीन-तीन बार डीपीओ स्थापना को पत्र लिखकर बांटी गयी राशि का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा है। लेकिन अब तक ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया गया है। 

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