बिहार के सरकारी विद्यालयों में गुणात्‍मक शिक्षा, जब कक्षा में जीवंत उठा हल्कू और हमीद

बिहार के सरकारी विद्यालयों में गुणात्‍मक शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। कक्षा में जीवंत हुआ प्रेमचंद का हल्कू और हमीद। वीडियो के माध्यम से सरकारी स्कूलों के सुमोना बच्चों को पढ़ा रहीं। सुमोना के एनीमेटेड दूरदर्शन पर भी दिखाए जाते हैं वीडियो।

Dilip Kumar ShuklaSun, 05 Dec 2021 06:11 PM (IST)
बच्चों को मोबाइल पर वीडियो दिखाती सुमोना र‍िंकू घोष।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। सरकारी स्कूलों की शिक्षा-व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में बिहपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय लत्तीपुर की तस्वीर सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों को अपनी धारणा बदलने के लिए मजबूर करती है। अंग्रेजी की शिक्षिका सुमोना रिंकू घोष ने अपनी शिक्षण शैली में नई तकनीक को शामिल किया। वे वीडियोज के माध्यम से बच्चों को पढ़ा रही हैं।

कोरोना संकट के दौरान जब स्कूल बंद हो गए, तब सुमोना रिंकू घोष ने बच्चों को आनलाइन पढ़ाना शुरू कर दिया। पढ़ाई से संबंधित वीडियो और फिर एनीमेशन बना कर बच्चों के मोबाइल पर भेजना शुरू किया। अंग्रेजी की शिक्षिका सुमोना बताती हैं कि वे टीचर्स ऑफ बिहार से भी जुड़ी हैं। जहां से उन्‍होंने बहुत कुछ सीखा है। उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आसानी से अंग्रेजी बोल व समझ नहीं सकते हैं। इसी कारण उन्होंने एनीमेशन व वीडियो के माध्यम से बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। इसका जादू सा असर हुआ। अब स्कूल के अधिसंख्य बच्चों की अंग्रेजी सुधर रही है। ये आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में अपना परिचय देते हैं, पोयम सुनाते हैं।

कक्षा में पाठ्य-पुस्तकों पर आधारित वीडियो और एनीमेशन दिखाए जाते हैं। प्रेमचंद की कहानी ईदगाह के पात्र हमीद, पूस की रात के हल्कू आदि कक्षा में जीवंत हो उठते हैं। आडियो-वीडियो के माध्यम से बच्चों को जहां विषयवस्तु को समझने में आसानी होती है, वहीं आसानी से पाठ भी याद हो जाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सुमोना के इस अभिनव प्रयोग की गूंज अब पूरे बिहार में सुनाई देने लगी है। सुमोना रिंकू घोष द्वारा तैयार किए गए वीडियो और एनीमेशन अब दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रम 'मेरा दूरदर्शन, मेरा विद्यालय' में भी दिखाया जाता है।

टीवी के माध्यम से करवाई जाती है पढ़ाई : छात्र कोमल, रंजीत, श्वेता, सुमन आदि ने बताया कि स्मार्ट क्लास में टीवी पर वीडियो और एनीमेशन दिखाए जाते हैं। इसके बाद छात्रों के वाट्सएप ग्रुप पर भी वीडियो डाले जाते हैं। उस पर भी वीडियो डाले जाते हैं। इन्हें देखने के बाद पाठ याद करने में भी आसानी होती है। शनिवार को स्मार्ट क्लास संचालित करने वाले शिक्षक के अवकाश पर रहने के कारण शिक्षिका सुमोना ने अपने मोबाइल फोन से बच्चों को पढ़ाया।

आपदा से बचाव के भी सिखाए जाते हैं गुर : सुमोना रिंकू घोष बिहपुर प्रखंड में साधनसेवी के रूप में भी कार्यरत हैं। ऐसे में वे सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक आपदा से बचाव पर आधारित वीडियो भी तैयार करती हैं। भूकंप, बाढ़, अगलगी आदि आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की वीडियोज काफी पसंद की जा रही हैं।

मध्‍य विद्यालय बलुआचक, जगदीशपुर भगलपुर की शिक्षिका खुशबू कुमारी ने कहा कि शिक्ष‍िका सुमोना रिंकू घोष बच्‍चों को विभिन्‍न तकनीक के माध्‍यम से पढ़ाती हैं। वीडियो और एनीमेशन के जारिए पढ़ाए गए पाठ्यक्रम छात्र-छात्राओं को जल्‍दी समझ में आता है। इसमें वे बहुत मेहनत करती है। बिहार के सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों का ग्रुप टीचर्स ऑफ बिहार से भी वे जुड़ी हैं। यहीं से उन्‍होंने आइसीटी सीखा। आज वे इसका खूब इस्‍तेमाल करतीं हैं। सुमोना को खुशबू कुमारी ने बधाई दी है।

सुमोना रिंकू घोष का प्रयास सराहनीय है। बच्चों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अन्य विद्यालयों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। - संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, भागलपुर

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.