मधेपुरा नगर परिषद में गरमाई सियासत, विकास कार्य ठप, जानिए क्या है मामला

मधेपुरा नगर परिषद में राजनीति गरमा गई है। इससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। मुख्य पार्षद के चुनाव की अनिश्चितता के बीच शहर में चल रहे लगभग आधा दर्जन विकास कार्य बाधित हो गया है।

Abhishek KumarFri, 17 Sep 2021 03:07 PM (IST)
मधेपुरा नगर परिषद में राजनीति गरमा गई है।

संवाद सूत्र, मधेपुरा। निर्वतमान मुख्य पार्षद के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद से नगरपरिषद में विकास कार्य ठप है। स्थिति यह है कि दो दिग्गजों की राजनीति में नगरपरिषद फंस गया है। मुख्य पार्षद के चुनाव की अनिश्चितता के बीच शहर में चल रहे लगभग आधा दर्जन विकास कार्य बाधित हो गया है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर नली-गली समेत कई मामला है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना का काम ठप होने से आम लोगों में नराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि दिग्गजों की लड़ाई में आम लोगों का नुकसान हो रहा है।

ऐसे में विकास की चाबी कार्यकारी मुख्य पार्षद के हाथों में चला गया है। लेकिन बड़ी समस्या है कि अविश्वास प्रस्ताव के बाद लंबी छूट्टी पर गए कार्यपालक पदाधिकारी के जाने के बाद वित्तिय मामला अधर में लटक गया है। मामला लटका होने के कारण कई फाइलें धूल फांक रही है। प्रभार में काम कर रहे प्रभारी ईओ केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। कार्यकारी मुख्य पार्षद मनीष कुमार ङ्क्षमटू बताते हैं कि 17 तक ईओ छूट्टी पर हैं। उनके आते ही विकास का कार्य फिर से पटरी पर आ जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही हमलोग बोर्ड की बैठक कर विकास से जुडे मुद्दे को गति देंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने बताया कि महापर्व का दौर शुरू होने वाला है। ऐसे में हमलोगों की प्राथमिकता होगी कि शहर में साफ-सफाई जैसे काम का मास्टर प्लान बने ताकि आम लोगों को किसी तरह की दिक्कतें नहीं हो।

टीम में टूट की बात निराधार

कार्यकारी मुख्य पार्षद ने इस बात को निराधार बताया कि टीम में टूट है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर हमलोगों ने लड़ाई शुरू किया था, आज भी उसी पर सभी एक है। कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्य पार्षद के चुनाव का मामला चुनाव आयोग में अटका है। उम्मीद है जल्द ही इसका निराकरण हो जाएगा।

आवास योजना के कर्मी हटाए जाने से बढ़ेगी समस्या

प्रधानमंत्री आवास योजना को गति प्रदान करने के लिए सरकार ने आउटसोर्सिंग द्वारा कर्मी की बहाली किया था। जिसे हाल में ही हटा दिया गया है। ऐस में लगभग 500 फाइल के निबटारे में फिर से ग्रहण लग गया है। जानकार बताते हैं कि कई लाभूकों का फोटोग्राफी व फाइल तैयार किया था। जो उन्हीं लोगों के पास है। अगर समय पर नहीं मिलते हैं तो यह योजना और भी जटिल होने की समस्या है। यद्यपि इस बाबत कार्यकारी मुख्य पार्षद का कहना है कि आने वाली समस्या की समीक्षा की जा रही है। हटाए गए कर्मियों से संपर्क किया जा रहा है।

दो से तीन दिनों के अंदर नप परिषद में रुका काम फिर से चालू हो जाएगा। इसके लिए ईओ से विचार विमर्श कर विकास को गति दिया जाएगा। -मनीष कुमार ङ्क्षमटू, कार्यकारी मुख्य पार्षद, नगरपरिषद मधेपुरा।

 

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