पीएचडी एडमिशन टेस्ट TMBU: पैट परीक्षा में सत्र 2017-19 के छात्रों को भी मिलेगा मौका

टीएमबीयू 2017 में पीआरटी पास कर चुके छात्रों को रिसर्च मेथडोलॉजी में नामांकन का मिलेगा मौका। पिछले दो वर्षों से नहीं हुई है पीएचडी ऐडमिशन परीक्षा। विश्वविद्यालय इस सत्र के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा लेने की तैयारी कर रहा है।

Dilip Kumar ShuklaThu, 24 Jun 2021 08:13 AM (IST)
पैट परीक्षा: तिमांविवि में सत्र 2017-19 के छात्रों को भी मिलेगा मौका।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में पिछले दो साल से पीएचडी एडमिशन टेस्ट (पैट) को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। इस परीक्षा में पीजी के (सत्र : 2017-19) छात्रों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है। अब विश्वविद्यालय इस सत्र के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा लेने की तैयारी कर रहा है। ताकि उनका एक साल बर्बाद होने से बच सके। सत्र लगभग 22 महीने लेट हो चुका है।

इसके अलावा विश्वविद्यालय ने निर्णय लिया है कि 2017 में जिन छात्रों ने पीआरटी की परीक्षा पास कर ली है, उन्हें रिसर्च मेथोडोलॉजी कोर्स में नामांकन का मौका मिलेगा। इसके लिए उनसे आवेदन मांगा जाएगा। आवेदन करने वालों को ही नामांकन का मौका मिलेगा।

बता दें कि 2017 में पीआरटी पास करने वाले छात्र लगातार विश्वविद्यालय अधिकारियों के पास इस मांग को लेकर मिलते रहे थे। सीसीडीसी डॉ. केएम सिंह ने बताया कि इसी आधार पर अब पीजी विभागों से रिक्त सीटों के बारे में जानकारी मांगी जाएगी।

बताई जाएगी अपडेट सीट की स्थिति

2017 के जितने भी पीआरटी पास छात्र आवेदन करेंगे, उतनी सीटों को पीजी विभाग द्वारा दी गई सीटों में घटाकर अपडेट सीट की स्थिति जारी की जाएगी। विश्वविद्यालय कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार के गाइडलाइन का इंतजार कर रही है। परीक्षा लेने का निर्देश जारी होते ही सेमेस्टर चार की परीक्षा ली जाएगी। इसके लिए कॉपी की खरीद समेत अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई है। बता दें कि लॉकडाउन लगने से पूर्व परीक्षा विभाग सेमेस्टर चार के परीक्षा की तिथि जारी कर चुका था, लेकिन सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद परीक्षा को स्थगित करना पड़ा। अब दोबारा से इसकी तिथि तय होगी।

टीएमबीयू में जल जीवन हरियाली पर शुरू कराएं पढ़ाई

पर्यावरण संरक्षण को लेकर तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में जल जीवन हरियाली विषय पर कोर्स शुरू करने की जरुरत है। रसायन विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विवेकानंद मिश्र ने कुलपति को पत्र भेजकर पढ़ाई शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन ग्लोबल वार्निंग जल संकट, प्रदूषण पर व्यवसायिक कोर्स प्रारंभ करके बिहार और विवि प्रसिद्धि भी हासिल कर सकता है। वर्तमान दौर कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ रहा है। इसके लिए पर्यावरण के संरक्षण के प्रति छात्रों को शिक्षा देना जरूरी है। इससे भविष्य का पर्यावरण भी संरक्षित होगा।

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