Coronavirus : JLNMCH के ICU में बेहोशी डॉक्टरों के भरोसे हैं संक्रि‍मत मरीज, लगातार हो रहीं मौतें

Coronavirus : JLNMCH के ICU में बेहोशी डॉक्टरों के भरोसे हैं संक्रि‍मत मरीज, लगातार हो रहीं मौतें
Publish Date:Thu, 06 Aug 2020 07:57 AM (IST) Author: Dilip Shukla

भागलपुर, जेएनएन। जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के आईसीयू में भर्ती कोरोना मरीज बेहोशी (एनेस्थेसिया) डॉक्टर के भरोसे हैं। लगातार मरीजों की मौत हो रही, इसके बाद भी इलाज में मेडिसीन या स्पेशलिस्ट चिकित्सक का नहीं होना बड़ा सवाल है। ऐसे में मरीजों की जान सांसत में है। आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में 12 चिकित्सकों को लगाया गया है। सभी नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं, दूसरे चिकित्सकों के लिए रोस्टर बनाया गया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक ऑन कॉल पहुंचते हैं। जबकि मरीजों की मानें तो आईसीयू के मेडिकल ऑफिसर भी झांकने नहीं आते। आईसीयू में भर्ती ज्यादातर मरीजों में सांस की परेशानी होती है। ऐसे में सांस और हृदय रोग वाले चिकित्सकों का आईसीयू में होना जरूरी है। एनेस्थेसिया के चिकित्सक सिर्फ मरीजों को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर को ही ऑपरेट कर सकते हैं। वहीं, दवाइयां और इलाज की जानकारी इन्हें विशेषज्ञों की तरह नहीं है। ऐसे में अगर मरीजों की तबीयत बिगड़ जाती है तो ऐसे में कुछ भी हो सकता है।

इमरजेंसी में ऑन कॉल की व्यवस्था

अभी आईसीयू में विशेषज्ञ और सीनियर डॉक्टर तो रहते नहीं है, ऐसे में कोरोना मरीजों की तबियत बिगड़ती है तो इन्हें कॉल करके बुलाया जाता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था की गई है। इस कारण वरीय और विशेषज्ञ इमरजेंसी में ही आते हैं।

केस कम था तो सभी थे तैनात

भागलपुर में कोरोना का मामला कम था, तो सभी विशेषज्ञ और सीनियर भी तैनात थे, लेकिन मामला बढ़ते ही सभी ने अपने आप को ड्यूटी से अलग कर लिया। वहीं, टीटीसी कोविड सेंटर में आयुष चिकित्सकों को लगाया गया है। यहां एक भी एमबीबीएस चिकित्सकों की ड्यूटी नहीं लगी है। पर्याप्त शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगने वजह से सरकार की फजीहत हो रही है। चिकित्सकों की कमी की वजह से कोरोना मरीजों का इलाज ढंग से संभव नहीं हो पा रहा है।

चिकित्सकों में पनप रहा आक्रोश

स्वास्थ्य विभाग के गाइड लाइन के अनुसार कोरोना मरीजों को रोज एजिथ्रोमाइसिन का एक टेबलेट, विटामिन सी दो टेबलेट डेली, विटामिन बी का एक कैप्सूल डेली, 100 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा बुखार होने पर पेरासिटामोल का एक टेबलेट और ओआरएस का घोल कोरोना मरीजों को देना है। इसके लिए कोई भी चिकित्सक तैनात किए जा सकते हैं। लेकिन, जेएलएनएमसीएच के आईसीयू सिर्फ एनेस्थीसिया के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है।

-प्रोटोकॉल के तहत एनेस्थेसिया चिकित्सक को आईसीयू में लगाया गया है। इसके अलावा विशेषज्ञ और सीनियर ऑन कॉल पहुंचते हैं। रोस्टर के हिसाब से ही सभी की ड्यूटी लगी है।-डॉ. अशोक भगत, अधीक्षक।

 

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