Oxygen plant in Bihar: भागलपुर और आसपास के इन जिलों में लगेंगे ऑक्‍सीजन प्‍लांट, मुंगेर में है ऐसी तैयारी

ऑक्सीजन पाइपलाइन से जोड़े जाएंगे एक सौ बेड।

Oxygen plant in Bihar इन दिनों ऑक्‍सीजन की काफी मांग हो रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों का ऑक्‍सीजन लेवल लगातार गिर रहा है। इसलिए कई जगह ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाने की तैयारी चल रही है। भागलपुर और आसपास के जिलों में ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाए जाएंगे।

Dilip Kumar ShuklaSat, 08 May 2021 09:13 AM (IST)

भागलपुर, ऑनलाइन डेस्‍क। Oxygen plant in Bihar: एक ओर जहां कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है, वहीं  दूसरी ओर लगातार अस्‍पताल में संसाधन उपलब्‍ध कराए जा रहे हैं। इन दिनों ऑक्‍सीजन की मांग काफी बढ़ी हुई है। इसलिए कई जिलों में ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाए जा रहे हैं। मुंगेर में आईटीसी ऑक्‍सीजन प्‍लांट लाएगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (National Highway Authority of India) कई जिलों मेकं ऑक्सीजन प्लांट लगाएगा। न्यूनतम क्षमता 960 लीटर प्रति मिनट होगी। इसके लिए वातावरण से सीधे ऑक्सीजन लिय जाएगा, फ‍िर पीएसए टेक्नोलॉजी (PSA Technology) के माध्यम से ऑक्सीजन बनाया जाएगा। पीएम केयर्स फंड से भी यहां कई जिलों में ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाए जाने हैं। बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्‍लांट लगाने की तैयारी की जा रही है।

एनएचएआइ लगाएगा ऑक्सीजन प्लांट

भागलपुर सहित आसपास के जिलों में पूर्णिया में बनमनखी, अररिया में फारबिसगंज, सहरसा में सिमरी बख्तियारपुर और भागलपुर में कहलगांव में ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाने की योजना है। इसके अलावा पीएम केयर्स फंड से भागलपुर, कटिहार, गया, पूर्णिया, सहरसा जिलों में ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाए जाने हैं।

वहीं, योगनगरी मुंगेर में कोरोना संक्रमण की स्थिति दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। इस समय जिले में एक्टिव केस की संख्या 2242 तक पहुंच गई है। इसे देखते इस महामारी को नियंत्रित करने में आइटीसी भी जुट गई है। उसने मुंगेर में ऑक्सीजन की समस्या के स्थाई समाधान के लिए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विदेश से ऑक्सीजन जेनरेशन मशीन मंगाई जा रही है। यह मशीन वायुमंडल से ऑक्सीजन लेकर इसकी आपूर्ति करेगी। इसे जीएनएम स्कूल स्थित कोविड सेंटर में इंस्टॉल करने के बाद अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके साथ ही आइटीसी जिला प्रशासन को शीघ्र ही दस ऑक्सीजन कॉसन्ट्रेटर भी उपलब्ध कराएगी। उसने जीएनम स्थित कोविड केयर सेंटर के एक सौ बेड को ऑक्सीजन पाइपलाइन से जोडऩे का भी निर्णय लिया है।

 

कोरोना की पहली लहर में भी आइटीसी ने किया था सहयोग

कोरोना संक्रमण की पहली लहर में भी आइटीसी मदद के लिए आगे आई थी। कोरोना संक्रमण की चुनौती से निपटने के लिए उसने फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में एन 95 मास्क, सैनिटाइजर आदि उपलब्ध कराए थे। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में भी आइटीसी की ओर से अब तक 50 लीटर सैनिटाइजर, दस हजार 500 सैनिटाइजर, बड़ी संख्या में सर्जिकल व एन 95 मास्क उपलब्ध कराए गए हैं।

 

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