बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री के बयान से शिक्षकों में आक्रोश, जानिए वजह

बेगूसराय में एक सम्मान समारोह में बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री ने दिया था विवादित बयान

राज्‍य के प्रभारी शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षकों के खिलाफ अनर्गल बयान दिए जाने पर शिक्षक समुदाय में आक्रोश व्‍याप्‍त है। शिक्षक संघ जिला इकाई पूर्णिया के जिला संयोजक सदस्य सुशील कुमार आर्य ने कहा कि नियोजित शिक्षकों ने ही शिक्षा की राज्‍य में तस्‍वीर बदली है।

Publish Date:Sun, 17 Jan 2021 01:53 PM (IST) Author: Amrendra kumar Tiwari

जागरण संवाददाता, पूर्णिया । बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री द्वारा बिहार के नियोजित शिक्षकों के प्रति दिए गए बयान से शिक्षकों ने रोष प्रकट किया है। बनमनखी के शिक्षको नें कहा है कि बेगूसराय में एक सम्मान समारोह में बिहार के प्रभारी शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी द्वारा नियोजित शिक्षकों के प्रति अनर्गल बयान देने से शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।

नियोजित शिक्षकों ने ही राज्‍य में बदली है शिक्षा की तस्‍वीर

बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई पूर्णिया के जिला संयोजक सदस्य सुशील कुमार आर्य ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री के द्वारा इस तरह का अमर्यादित शब्द का व्यवहार किया जाना कहीं न कहीं बिहार सरकार के शिक्षा एवं शिक्षकों के प्रति आने वाले दिनों में गलत दिशा में ले जाने का संकेत है। आर्य ने कहा कि बिहार में सरकारी विद्यालयों में अगर शैक्षणिक माहौल को लाया है तो वह है नियोजित शिक्षक ।

पढ़ाई के साथ प्रवासी मजदूरों का भी शिक्षकों ने किया है सेवा

इतना ही नहीं नियोजित शिक्षकों द्वारा शैक्षणिक कार्य के अलावे बीएलओ का कार्य, जनगणना कार्य, करोना जैसे महामारी में भी बिहार के नियोजित शिक्षकों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर बिहार के प्रवासी मजदूरों का सेवा किया है। उसमें तो समय बिहार के शिक्षा मंत्री कहां गए थे जब शिक्षकों ने दिन रात एक कर अपने जान की परवाह किए बगैर प्रवासियों का सेवा कर नियोजित शिक्षकों ने अपने मानव धर्म का निर्वाह किया इसके साथ ही नियोजित शिक्षकों के आने से बिहार में शैक्षणिक माहौल में सुधार हुआ है ।

मिड डे मील जैसी योजनाओं ने बिगाड़ा स्‍कूल में शिक्षा का माहौल

शायद इस बात को बिहार की प्रभारी शिक्षा मंत्री इस बात को भूल रहे हैं कि भूल रहे हैं की विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को अगर खराब किया है तो वह है मध्यान्ह भोजन योजना, मुख्यमंत्री पोशाक योजना, मुख्यमंत्री साइकिल योजना, इत्यादि इस तरह की योजनाओं से शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ है और राजनीतिक माहौल को बढ़ावा मिला है इस चीज को हमारे बिहार के शिक्षा मंत्री जी भूल रहे हैं और अपनी गलती को छुपा रहे हैं। सुशील आर्य ने बिहार के मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया है कि प्रभारी शिक्षा मंत्री के इस तरह के बयानों पर रोक लगवाए।

 

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