कोई नहीं खरीद रहा किशनगंज के टेढ़ागाछ प्रखंड के किसानों का मिट्टी लगा धान, पैक्स के शटर भी है डाउन

बिहार के किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड के किसान परेशान हैं। उनके उपजाए गए धान को कोई भी नहीं खरीद रहा है। वजह बाढ़ है। बाढ़ की चपेट में आई फसलों को जहां पहले नुकसान पहुंचा था। अब इसे देखते ही लोग...

Shivam BajpaiSat, 04 Dec 2021 09:41 AM (IST)
टेढ़ागाछ प्रखंड रहा है बाढ़ प्रभावित, धान दे रहे गवाही।

संवाद सहयोगी, (किशनगंज) : टेढ़ागाछ प्रखंड में धान का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। टेढ़ागाछ के किसान ने बताया कि कर्ज लेकर धान की फसल लगाई थी। जैसे धान की फसल पक कर तैयार हुई वैसे हाल-फिलहाल आई बाढ़ ने तीन हिस्सा धान की फसल को लगभग बर्बाद कर दिया। अब, जो धान बचा है उसे बेचने पर कोई खरीददार नहीं मिल रहा है। कारण धान का रंग बिल्कुल मिट्टी के रंग का हो गया है। धान में मिट्टी चिपकी है। इस धान का कोई दाम नहीं लगा रहा है।

किसान रवि दास ने बताया कि पैक्स में अभी तक धान की खरीदारी शुरू नहीं हो पाई है और अभी तक विभाग के तरफ से किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा भी नहीं मिला है। जिससे मटियारी, डाकपोखर, चिल्हनियां एवं बैगना के किसान परेशान हैं। रबी फसल मक्का एवं गेहूं की बुआई सिर पर सवार है पर किसानों के पास पैसा नहीं है। आखिर करें तो क्या करें। वहीं किसान दुख्खी हैमरम बताते हैं कि यूरिया एवं डीएपी का दाम अधिक होने से मक्का एवं गेहूं में खाद का उपयोग उचित मात्रा में नहीं कर पाते हैं, जैसे-तैसे मक्का लगाए हैं पर अब यह भी भगवान भरोसे है कि फसल कैसी होती है।

-बाढ़ के बाद धान के बदले रंग के कारण नहीं मिल रहा खरीदार -कर्ज लेकर किसानों ने किया खेती लेकिन बाढ़ ने तीन हिस्से फसल को किया बर्बाद -क्षेत्र के किसानों की बढ़ी हुई है समस्या ना बिक रहा फसल नहीं लगा पा रहे नई फसल

वहीं टेढ़ागाछ के कृषि पदाधिकारी उदय शंकर ने बताया कि किसानों को खाद की समस्या अब उत्पन्न नहीं होगी। इसके लिए जिला कृषि पदाधिकारी के तरफ से हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन किसानों का बाढ़ के कारण धान की फसल बर्बाद हुई है, वैसे किसानों का किसान सलाहकार के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराया गया है और जिला पदाधिकारी के समक्ष रख दिया गया है। जिला से आदेश प्राप्त होते ही किसान पोर्टल पर जाकर आवेदन कर उचित मुआवजा राशि प्राप्त कर सकेंगे। फिलहाल किसानों को रबी फसल की बुआई के लिए सरसों के बीज आदि का वितरण विभाग के तरफ से किया गया है। 

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.