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नवजात बेटी को अस्पताल में छोड़ा, मौत की सूचना पर भी नहीं आया लेने

नवजात बेटी को अस्पताल में छोड़ा, मौत की सूचना पर भी नहीं आया लेने
Publish Date:Wed, 05 Aug 2020 07:52 AM (IST) Author: Dilip Shukla

भागलपुर, जेएनएन। कहते हैं बेटी लक्ष्मी का रूप होती हैं। सरकार अक्सर नारी सशक्तिकरण की बातें करते हैं। बावजूद हमारी मानसिकता बदलने का नाम नहीं लेती। ऐसा ही वाकया जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के नीकू वार्ड में देखने को मिला। जहां 25 जुलाई को नवजात बच्ची ने जन्म लिया। 27 को माता-पिता उसे छोड़कर निकल गए। एक अगस्त को उसकी मौत हो गई। बच्ची के पिता मुंगेर जिले के तारापुर इलाके के लौना निवासी बिहारी मांझी हैं। मौत की जानकारी देने के लिए बरारी पुलिस ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया। बच्ची के शव की कोराना जांच कराई गई। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

दाह संस्कार की शुरू हुई प्रक्रिया

इसके लिए स्थानीय पुलिस से समन्वय कर परिवार को इसकी जानकारी देनी चाही। लेकिन उन्हें किसी तरह इसकी जानकारी हो गई। वे लोग घर छोड़कर निकल गए। ताकि बच्ची को उनके जिम्मे ना दिया जा सके। मौत की जानकारी होने पर एक अगस्त को बरारी पुलिस को स्थानीय प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई। पुलिस ने जरूरी प्रक्रियाओं के बाद शव को सुरक्षित रख लिया। जब शव लेने के लिए कोई नहीं आया तो अब बरारी पुलिस उसके दाह संस्कार की प्रक्रिया कर रही है। इसके लिए अस्पताल से समन्वय कर जरूरी कार्रवाइयां की जा रही है।

कई इलाके में पहले भी फेंकी गई है नवजात

पूर्व में भी कई मामले बरारी, आदमपुर और तिलकामांझी इलाके में आए हैं। जिसमें नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर पर तो सड़क किनारे फेंक दिया गया था। इशाकचक इलाके में भी भीषण ठंड के दौरान कार्टन में बंद कर नवजात बच्ची को फेंक दिया गया था। जब तक पुलिस पहुंची तब तक उसकी मौत हो गई थी। शहर में ऐसे कई उदाहरण हैं। जिसमें माता-पिता की निर्दयता दिखी है। कई मामलों में पुलिस पता लगाने का भी प्रयास करती है। किंतु आसपास सीसीटीवी कैमरा नहीं लगे रहने के कारण बच्ची को फेंकने वालों की पहचान नहीं हो सकती है।

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