मुंगेर गोलीकांड : CID ने तत्कालीन एसपी लिपी सिंह को दिया क्लीन चीट, पीडि़त परिवार सीबीआइ जांच पर अड़े

मुंगेर गोलीकांड में तत्‍कालीन एसपी लिपी सिंह को क्‍लीन चीट मिल गया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस की गोली से अनुराग की मौत नहीं हुई थी। साथ ही जांच में एक स्‍थानीय नेता की भूमिका को भी संदिग्‍ध बताया गया है।

Abhishek KumarSun, 04 Apr 2021 07:23 AM (IST)
मुंगेर गोलीकांड में तत्‍कालीन एसपी लिपी सिंह को क्‍लीन चीट मिल गया है।

भागलपुर [संजय सिंह]। विधानसभा चुनाव के ठीक बाद प्रतिमा विसर्जन में पुलिस फायरिंग (Munger firing) से हुई अनुराग की मौत के बाद मुंगेर जल उठा था। लगभग आधा दर्जन थानों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की गई थी। लोग अनुराग की हत्या का कारण पुलिस फायरिंग बता रहे थे, लेकिन सीआइडी जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अनुराग की हत्या भीड़ में शामिल एक युवक ने की थी। यद्यपि, अनुराग के पिता ने सीआइडी की इस थ्योरी को नकारते हुए मामले की सीबीआइ जांच की मांग कर दी है।

दरअसल, इस पूरे मामले में वहां की तत्कालीन एसपी लिपी सिंह ( SP Lipi Singh) की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। लिपी सिंह के पिता जदयू क राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह हैं। लिपी सिंह के प्रति उस वक्त लोगों की नाराजगी इस कदर बढ़ गई थी कि उन्हें वहां से हटा दिया गया था।

लगभग पांच माह बाद अनुराग का मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद किया है। यह फोन विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ में शामिल एक युवक के पास से मिला। वह युवक फोन लेकर कुछ दिनों तक दिल्ली में रहा। इसके बाद फोन की बरामदगी मुंगेर में की गई। उस युवक का कहना है कि भगदड़ के दौरान फोन उसे गिरा मिला था। पूछताछ के दौरान युवक ने सीआइडी को बताया कि उस भीड़ में शामिल एक युवक ने अपनी कमर से पिस्तौल निकालकर अनुराग को नजदीक से गोली मार दी थी।

सीआइडी प्रेम-प्रसंग से भी मामले को जोड़कर देख रही है। बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलने के बाद इस आशंका को बल मिला। यद्यपि, वह लड़की कौन है, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है। घटना के दिन अनुराग अपने मित्र रोहित, अभिषेक और विशाल के साथ घर से निकला था। सीआइडी के अधिकारी इन तीनों से भी पूछताछ कर चुके हैं।

सीआइडी का कहना है कि जिस युवक ने अनुराग पर गोली चलाई थी, हुलिए के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपित गिरफ्त में होगा। सीआइडी इस घटना में बिहार के एक दबंग नेता को भी अपने जांच के दायरे में रखे हुए है। उक्त दबंग का मुंगेर की तत्कालीन एसपी लिपि सिंह के साथ छत्तीस का आंकड़ा था। उसने पुलिस के वरीय अधिकारियों को पूर्व में भी आवेदन देकर आशंका जताई थी कि इस घटना में उसे फंसाया जा सकता है।

सीआइडी और पुलिस मिलकर इस मामले को भटका रही है। प्रेम-प्रसंग का मामला बेबुनियाद है। अनुराग की मौत किसकी गोली से हुई है, मुंगेर के हर नागरिक को यह पता है। मामले की जल्द जांच के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा। सीआइडी की जांच पर भरोसा नहीं है। सीबीआइ मामले की जांच करे तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

- अमरनाथ पोद्दार

अनुराग के पिता

मेरा तबादला मुंगेर से हो चुका है। इस कारण इस मामले में मैं कुछ नहीं बोलूंगी।

- लिपि सिंह, तत्कालीन मुगेर एसपी (अभी सहरसा की एसपी)

अनुराग का मोबाइल फोन बरामद किया गया है। दो मामलों की जांच सीआइडी कर रही है। इस मामले में अभी कुछ बोलना ठीक नहीं है। छह अन्य मामलों की जांच पुलिस के पास है। ये मामले थानों में तोडफ़ोड़ और आगजनी से जुड़े हैं। इन मामलों में दोषियों पर जल्द कार्रवाई होगी।

- मानवजीत सिंह ढिल्लो

एसपी, मुंगेर 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.