भागलपुर के इस प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ते हैं तीन हजार बच्चे, अंदर सुविधाएं और बाहर हर पल दौड़ते हैं ट्रक

माउंट असीसी स्‍कूल भागलपुर एक प्रतिष्ठित विद्यालय है। रानीतालाब स्थित इस विद्यालय की शाखा में लगभग तीन हजार बच्‍चे पढ़ते हैं। अंदर काफी सुविधाएं हैं। बाहर हर पल ट्रक दौड़ता है। जर्जर सड़कों पर चलकर बच्‍चे यहां पढ़ने आते हैं। नाले का पानी सड़क पर बहता रहता है।

Dilip Kumar ShuklaPublish:Wed, 24 Nov 2021 07:48 PM (IST) Updated:Wed, 24 Nov 2021 07:48 PM (IST)
भागलपुर के इस प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ते हैं तीन हजार बच्चे, अंदर सुविधाएं और बाहर हर पल दौड़ते हैं ट्रक
भागलपुर के इस प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ते हैं तीन हजार बच्चे, अंदर सुविधाएं और बाहर हर पल दौड़ते हैं ट्रक

आनलाइन डेस्‍क, भागलपुर। जर्जर सड़क, खराब नाले व स्कूल लगने और छु्ट्टी के समय भारी वाहनों पर नियंत्रण नहीं होने से रानी तालाब स्थित माउंटी असीसी स्कूल में पढ़नेवाले छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस विद्यालय में नर्सरी से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। यहां लगभग तीन हजार बच्‍चे पढ़ते हैं। इस विद्यालय की यहां दो शाखाएं हैं। इस विद्यालय में कई प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी व जनप्रतिनिधियों के बच्‍चे भी पढ़ते हैं। शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों का इस विद्यालय से खास रिश्‍ता है। इनके भी बच्‍चे यहां पढ़ते हैं।  

आज हम बात कर रहे हैं भागलपुर के रानीतलाब स्थित माउंट असीसी स्‍कूल की। यह सीनियर सेक्‍शन है। इस स्‍कूल तक पहुंचने वाले मार्ग की स्थिति काफी भयावह है। कछुआ चौक से स्कूल गेट तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। सड़क की चौड़ाई काफी कम है। लोगों ने इस मार्ग को अतिक्रमण भी कर लिया है। सड़क की हालत ऐसी है कि आए दिन गड्ढे में वाहन फंस जाते हैं और इसके बाद जाम लगने से छात्रों को दिक्कत होती है। 

शिक्षक मनीष कुमार झा ने बताया कि एक तो सड़क जर्जर है। दूसरा यहां नाला पूरी तरह जाम है। इसके कारण थोड़ी भी बारिश होने पर इस रास्ते से आना-जाना मुहाल हो जाता है। सड़क व नाला का अतिक्रमण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क व नाले के निर्माण के लिए नाथनगर विधायक, सबौर बीडीओ, कार्यक्रम पदाधिकारी, नगर आयुक्त, नगर पंचायत के कार्यपालक अधिकारी, बरारी पंचायत के मुखिया समेत सभी सक्षम पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। कई बार नाले की सफाई का भी आग्रह किया गया। लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।

उन्‍होंने कहा कि घरों का गंदा पानी सड़क पर बहता है। नाला पूरी तरह जाम है। इसकी सफाई नहीं होती। बारिश में तो इस मार्ग में पानी जम जाता है। बच्‍चों को स्‍कूल आने में काफी परेशानी होती है। इसके अलावा इस मार्ग से भारी वाहनों का भी परिचालन होता है। जबकि इस मार्ग की चौड़ाई काफी कम है। सड़क भी जर्जर है।

अभिभावक डा. विनय कुमार झा ने बताया कि वाकई यह सड़क जानलेवा है। इसके निर्माण के लिए स्कूल प्रशासन व सक्षम पदाधिकारियों को पहल करनी चाहिए। इनके अलावा इंद्रजीत कुमार, धर्मेंद्र कुमार वर्मा, डा प्रवीण झा, संजीब कुमार, सुजीत कुमार, राकेश कुमार, अनिल खेतान, राजकुमार, श्‍वेता झा आदि अभिभावकों ने कहा कि कछुआ चौक से स्‍कूल तक जाने में मात्र दो मिनट का समय लगना चाहिए। लेकिन जब जाम लगता है तो 200 मीटर की दूरी को तय करने आघा घंटा लग जाता है। 

माउंट असीसी स्‍कूल के प्राचार्य फादर जोश थेक्‍कल ने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा का ध्‍यान रखते हुए सड़क व नाले का निर्माण शीघ्र हो। सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए। नाले की नियमित सफाई हो। स्‍कूल लगने और छुट्टी के समय इस मार्ग से भारी वाहनों का परिचालन नहीं हो। उन्‍होंने कहा कि इन सभी मांगों से युक्‍त आवेदन संबंध‍ित पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दिया गया है। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है।

इस संबंध में जीरोमाइल थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि समस्‍या की जानकारी उन्‍हें है। बाकई यह गंभीर समस्‍या है। इसके लिए उन्‍होंने स्‍कूल गेट के पास विद्यालय लगने व छुट्टी के समय पुलिस की तैनाती की है। साथ ही कुछ पुलिसकर्मी मुख्‍यमार्ग पर भी मौजूद रहेंगे। विद्यालय लगने और छुट्टी के समय भारी वाहनों का परिचालन नहीं होगा।

नाथनगर विधायक अली अशरफ सिद्दीकी ने कहा कि कोरोना के कारण मिलने वाले फंड में कमी हुई है। जैसे ही उन्‍हें राशि की प्राप्ति होगी। यह मार्ग बनवा दिया जाएगा। मुखिया मनोज पासवान ने कहा कि सड़क व नाला वे जाकर खुद देख चुके हैं। चुनाव के कारण थोड़ा व्‍यस्‍त हूं। चुनाव परिणाम आने के बाद नाले की सफाई करवा दी जाएगी। सफाई कार्य नियम‍ित भी किया जाएगा। मार्ग से कूड़े का भी नियमित उठाव करावाया जाएगा।