Bihar News: बंगाल में शहीद पुलिस इंस्पेक्टर की मां की सदमें में मौत, सात पुलिसकर्मी निलंबित

पश्चिम बंगाल में किशनगंज टाउन थाना के इंस्‍पेक्‍टर आश्‍वनी कुमार। फाइल फोटो।

Bihar News पश्चिम बंगाल में किशनगंज टाउन थाना के इंस्‍पेक्‍टर की हत्‍या का सदमा उनकी मां बर्दाश्‍त नहीं कर पाईं। बेटे की मौत के सदमें में उनका भी निधन रविवार की सुबह हो गया। दूसरी ओर इंस्‍पेक्‍टर की हत्‍या मामले में आइजी ने सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

Abhishek KumarSun, 11 Apr 2021 09:20 AM (IST)

जागरण संवाददाता, किशनगंज। बिहार के किशनगंज के नगर थानाध्‍यक्ष अश्वनी कुमार की जिले की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के पांजीपाड़ा थाना क्षेत्र में अपराधियों ने पीट-पीटकर हत्‍या कर दी थी। इसका सदमा उनकी मां उर्मिला देवी बर्दाश्‍त नहीं कर पाईं। रविवार की सुबह हृदयाघात से उनकी भी मौत हो गई। वे पहले से ही हृदय रोगी थीं, इस कारण उन्‍हें बेटे की मौत के बारे में पहले नहीं बताया गया था। शनिवार की देर रात उन्हें इस घटना की सूचना मिली, इसके बाद रविवार की सुबह उनकी मौत हो गई। 1994 बैच के पुलिस अधिकारी रहे अश्विनी कुमार का घर किशनगंज के आजाद चौक, पंचू मंडल टोला में है। वे लगभग दो वर्षों से किशनगंज में पदस्थापित थे। इस बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्णिया के जोनल आइजी ने इंस्‍पेक्‍टर के साथ छोपमारी करने बंगाल गई पुलिस टीम में शामिल सर्किल इंस्‍पेक्‍टर सात पुलिसकर्मियों को कर्तव्‍यहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है।

सर्किल इंस्पेक्टर समेत सात पुलिस कर्मी निलंबित

टाउन थानाध्यक्ष की हत्या मामले में पूर्णिया के जोनल आइजी सुरेश प्रसाद चौधरी ने बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाह मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रथम दृष्टया लापरवाह मानते हुए सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार समेत सात जवानों को निलंबित करते हुए लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया गया है।

आइजी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि लूटी गई बाइक की बरामदगी एवं आरोपित की गिरफ्तारी के लिए टाउन थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिला अंतर्गत ग्वालपोखर थाना क्षेत्र के पनतापाड़ा गांव गए थे। उनके साथ सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार, सिपाही राजू सहनी, अखिलेश्वर तिवारी, प्रमोद कुमार पासवान, उज्ज्वल कुमार पासवान, सुनिल चौधरी और सुशील कुमार शामिल थे। यह सभी लोग जान बचाकर भाग गए परंतु इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार को भीड़ ने पकड़ कर निर्ममता पूर्वक पीट-पीट कर हत्या कर दी। प्रथम दृष्टया टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की लापरवाही परिलक्षित होती है।

आईजी, कमिश्नर पहुंचे

पूर्णिया आइजी, कमिश्नर, एसपी, डीएम सहित कई अधिकारी  जानकीनगर पहुंचे। अधिकारियों ने मृत इंस्पेक्टर को श्रद्धांजलि दी। लोगों ने आइजी से सहयोगी पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्‍न उठाए। मृतक इंस्पेक्टर के साथ छोड़कर भागने वाले मनीष कुमार एवं अन्य दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ दोहरा हत्याकांड दर्ज करने की मांग की। इस दौरान बंगाल पुलिस के खिलाफ लोगों ने जमकर की नारेबाजी की। आइजी, कमिश्नर व अन्य अधिकारियों से मिलने आई मृतक इंस्पेक्टर की बड़ी बेटी नैंसी ने घटना के संबंध में बातचीत की। मृतक इंस्पेक्टर की दोनों बहनें, भाई गुड्डू कुमार, विक्रम कुमार सहित उनके  कई परिजनों ने भी घटना के संबंध में आइजी, ए विस्तार से बातचीत की तथा घटना की जानकारी देते हुए दोहरा हत्याकांड दर्ज करने तथा इंसाफ दिलाने की मांग की।

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