बिहार में शराबबंदी: मुंगेर में छह माह में 17 हजार लीटर शराब बरामद, 433 की गिरफ्तारी, लेकिन सजा एक को भी नहीं

पुलिस की लचर व्यवस्था के कारण जेल से रिहा हो रहे तस्कर जेल से निकलने के बाद फिर से जुड़ रहे धंधे में। टेटिया बंबर में 10 आरोपितों पर हुई है चार्ज शीट कड़ाई के बाद जिले में नहीं थम रहा शराब की अवैध कारोबार।

Dilip Kumar ShuklaThu, 29 Jul 2021 07:56 AM (IST)
पिछले दिनों मुंगेर में भारी मात्रा शराब किया गया था।

मुंगेर [हैदर अली]। शराबबंदी के बाद भी जिले में शराब की तस्करी खूब हो रही है। शराब के अवैध धंधे से जुड़े तस्करों में पुलिस का खौफ नहीं है। यही वजह है कि यहां शराब कर तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। आंकड़ें पर गौर करें तो जिले में जनवरी से जून के बीच छह माह में 17371.25 लीटर देसी और विदेशी शराब की बरामदगी पुलिस ने की है। इस मामले में कुल 433 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने सभी सलाखों के पीछे भी भेजा। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि एक भी तस्कर को शराब मामले में सजा नहीं मिली है। सजा का आंकड़ा भी कुछ इसी तरह का है। इसके पीछे बड़ी वजह पुलिस की रिपोर्ट है। पुलिस की शिथिलता के कारण शराब मामले में पकड़े गए तस्करों में से एक को भी सजा नहीं मिली है। 15 दिन से लेकर एक माह तक जेल में रहने के बाद तस्कर बाहर आ जा रहे हैं और फिर से शराब के अवैध तस्करी में जुड़ जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा टेटिया बंबर में शराब बरामद

जिले में कुल नौ प्रखंड है। इसमें पुलिस थाना और पीपी की संख्या 25 है। कुल 17371.25 लीटर शराब में सबसे ज्यादा शराब 6375 लीटर देसी-विदेशी टेटिया बंबर प्रखंड पुलिस ने बरामद की है। यहां 14 तस्करों को पकड़ा गया है। इसमें से 10 आरोपितों का चार्जशीट भी भेजा गया है। तारापुर थाना में 199 लीटर देसी-विदेशी शराब की बरामदगी हुई है।

पुलिस रिपोर्ट पर निर्भर है सबकुछ

मुंगेर व्यवहार न्यायलय के अधिवक्ता ओमप्रकाश पोद्दार का मानना है कि जिस वक्त शराबबंदी हुई थी, उस वक्त लोगों को जमानत हाई कोर्ट से मिलती थी। बाद में शराब मामले में न्याय की प्रक्रिया थोड़ा लचीला हो गया। समय पर चार्जशीट दाखिल हो तो आरोपित का केस लंबा चलेगा। पक्ष-विपक्ष के अधिवक्ता बहस करेंगे। ऐसे में सजा मिलने की उम्मीद रहती है। पुलिस की रिपोर्ट पर सजा निर्भर करता है।

अब डाग स्क्वायड के साथ तस्करों को पकड़ेगी पुलिस

शराब तस्करों को पकडऩे के लिए पुलिस ने नया तरीका अपनाया है। अब जिले में शराब तस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के साथ डाग स्क्वायड की टीम भी साथ होगी। इसके पीछे मकसद यह है कि शराब की तस्करी की सूचना अक्सर लीक होने के बाद तस्कर फरार हो जाते हैं। लेकिन खोजी कुत्ता शराब की गंध सूंघ कर पकड़ लेगी।

फिर से धंधा करने वालों का गुंडा पंजी में होगा नाम

शराब मामले में एक बार पकड़े जाने के बाद फिर से आरोपित पकड़ा जाता है। उसका नाम गुंडा पंजी में दर्ज होगा। इसके लिए सभी थाने का निर्देश दिया गया है। एसपी जगन्नाथ रेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि हर हाल में शराब की तस्करी रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं। जेल से निकलने के बाद फिर से धंधा करने वालों का नाम गुंडा पर्जी में दर्ज को कहा गय है।

 

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