अंडरटेकिंग नहीं देने वाले भागलपुर के खाद विक्रेताओं पर हुई बड़ी कार्रवाई

भागलपुर के जिला कृषि पदाधिकारी ने 47 खाद विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित कर दिया। सरकार के जीरो टालरेंस नीति को लेकर कृषि निदेशक ने की बैठक। यूरिया का रैक नहीं भेजने वाली कंपनी पर कार्रवाई करने का आदेश।

Dilip Kumar ShuklaTue, 27 Jul 2021 06:57 AM (IST)
अंडरटेकिंग नहीं देने वाले खाद विक्रेताओं पर हुई कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिला कृषि पदाधिकारी ने अंडरटेकिंग नहीं देने वाले 47 खाद विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिले में 440 अनुज्ञप्तिधारी खुदरा उर्वरक विक्रेता कार्यरत है। 397 उर्वरक विक्रेता ने अंडरटेकिंग उपलब्ध करा दिया है। शेष 47 दुकानदारों ने अंडरटेकिंग उपलब्ध नहीं कराया है। इन विक्रेताओं से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनकी उर्वरक अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कहलगांव प्रखंड के दो, सन्हौला प्रखंड के तीन, शाहकुंड प्रखंड के छह, नारायणपुर प्रखंड के तीन, गोराडीह प्रखंड के चार, रंगराचौक प्रखंड के तीन, सुल्तानगंज प्रखंड के चार, नाथनगर प्रखंड के आठ, नवगछिया प्रखंड के 10 व पीरपैंती प्रखंड के तीन विक्रेता शामिल हैं। निलंबित होने वाले विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति में पैक्स के दो, आइएफएफडीसी के दो एवं कृषि स्वावलंबी के ए विक्रेता शामिल हैं।

यह जानकारी सोमवार को जिला कृषि पदाधिकारी कृष्ण कांत झा ने कृषि निदेशक को दी है। कृषि निदेशक की अध्यक्षता में जूम एप के माध्यम से जिला कृषि पदाधिकारियों की बैठक जीरो टालरेंस नीति को लेकर हुई। बैठक में उर्वरक की आवश्यकता व आपूॢत की समीक्षा की गई। जिला कृषि पदाधिकारी से पूछा कि जुलाई में किस-किस कंपनियों का यूरिया का आया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जुलाई में मेसर्स गासीम इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स यारा फॢटलाईजर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की रेक आई है। जिस कंपनी का रैक नहीं आया है, उसपर कार्रवाई करने का निर्देश कृषि निदेशक ने दिया।

अंडरटेकिंग नहीं देने वाले खुदरा उर्वरक विक्रेताओं, थोक उर्वरक विक्रेताओं के बारे में पूछा गया। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं, सभी कृषि समन्वयकों व सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा अपना अंडरटेकिंग उपलब्ध करा दिया गया है। 47 खाद विक्रेताओं ने अंडरटेकिंग नहीं दिया, जिसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। कृषि निदेशक निर्देश दिया कि निलंबित विक्रेताओं द्वारा यदि सात दिनों के अंदर अपना अंडरटेकिंग उपलब्ध नहीं कराता है तो वैसे विक्रेताओं की उर्वरक अनुज्ञप्ति रद कर दी जाए। कृषि निदेशक द्वारा किसानों द्वारा की गई शिकायत के बारे में पूछे जाने पर जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि क्षेत्र में किसानों की शिकायत सुनने के लिए किसानों से संपर्क किया जा रहा है और शिकायतों का त्वरित निष्पादन भी किया जा रहा है। किसानों की शिकायत सुनने के लिए जिला स्तर पर दो उर्वरक नियंत्रण कोषांग की स्थापना की गई है। किसान करीं भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। किसानो की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित पदाधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका निष्पादन किया जाएगा। कृषि निदेशक ने हर स्थिति में सरकार की जीरो टालरेंस नीति का अनुपालन करने का निर्देश दिया और विक्रेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिया गया कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही यूरिया एवं अन्य उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित मूल्य से अधिक पर उर्वरक बिक्री करते हुए पकड़े जाने पर विक्रेताओं पर प्राथमिकी दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया।

 

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