ललन सिंह बने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुंगेर में उत्साह का माहौल

राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी की कार्यकारिणी बैठक में उनके नाम पर मुहर लगा दी गई। आरसीपी सिंह के इस्तीफे के बाद उनके नाम का ऐलान किया गया। पढ़ें पूरी खबर...

Shivam BajpaiSat, 31 Jul 2021 06:17 PM (IST)
ललन सिंह बनाए गए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष।

 आनलाइन डेस्क, भागलपुर। जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह बनाए गए हैं। शनिवार को दिल्ली में जेडीयू की कार्यकारिणी की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय कमांडर बनाया गया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री आरसीपीसी सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया। इसके साथ ही ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई।

शनिवार को दिल्ली में जदयू की कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के सभी सांसद और करीब दो दर्जन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की खबर जैसे ही मुंगेर पहुंची उनके संसदीय क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों का उत्साह दोगुना हो गया। सभी एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां मना रहे हैं। उत्साहित कार्यकर्ता एक दूसरे के गुलाल भी लगा रहे हैं। ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर युवा जदयू लोकसभा प्रभारी विक्की कुमार के नेतृत्व मे सभी जदयू नेताओं ने जश्न मनाया गया। विक्की कुमार ने कहा मुंगेर के लिए बहुत गौरव की बात है कि हमारे नेता ललन सिंह को ये जिम्मेदारी मिली। वो पार्टी को और मजबूत करेंगे। इस मौके पर जदयू नेता बालकृष्ण दास, कन्हैया चौधरी, छात्र अध्यक्ष मनीष यादव, राहुल सिंह, मोंटी और मनोज आदि शामिल रहे।

कौन हैं ललन सिंह?

राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह जदयू की नींव रखने वाले नीतीश कुमार के साथी हैं। वे कर्पूरी ठाकुर के शिष्य हैं और वर्ष 1974 में राजनीति की शुरुआत की । इसी दौरान वे नीतीश कुमार के सम्पर्क में आए। लालू यादव से हुई किसी मुद्दे पर बहस के बाद उन्होंने नीतीश कुमार के साथ तय किया कि एक अलग पार्टी बनायी जाए। और पार्टी बनाई गई। जिसका नाम पहले समता पार्टी रखा गया, बाद में ये बदलकर जनता यूनाइटेड हो गई।

ललन सिंह नीतीश कुमार के बेहद करीबी हैं। वे सबसे पहले 2000 में राज्य सभा के लिए चुने गए। इसके बाद लोकसभा चुनाव में जीत कर सांसद बने। 2010 के आसपास नीतीश कुमार से किसी मुद्दे पर मतभेद हो गया, जिसके बाद नीतीश कुमार से अलग हो गए थे लेकिन बाद में वो दोनों एक साथ आ गए।

 

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