जानिए बिहार के सचिव क्‍यूं गए टोपोलैंड? किसानों से की मुलाकात

टोपोलैंड के किसानों की समस्‍या जल्‍द दूर हो जाएगी। बिहार के सचिव प्रत्‍यय अमृत टोपोलैंड पहुंचे हैं। उनके साथ कई और अन्‍य अधिकारी वहां पर पहुंचे हैं। वहां पहुंचने पर अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की तथा सभी समस्‍याओं को...!

Abhishek KumarThu, 23 Sep 2021 04:36 PM (IST)
किसानों से बातचीत करते सचिव प्रत्‍यय अमृत व अन्‍य अधिकारी।

जागरण संवाददाता, मुंगेर। पथ निर्माण व स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा है कि मुंगेर रेल सह सड़क पुल सरकार की सवोच्चय प्राथिमकता सूची में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस ऐतिहासिक परियोजना पर विशेष नजर है। पुल का निर्माण दोगुने रफ्तार से किया जाएगा, ताकि तय समय से पहले पुल का बनकर पूरी तरह तैयार हो जाए।

2022 में पुल बनने का टारगेट रखा गया है निर्माण काम तेजी से काम चल रहा है। अपर मुख्य सचिव मुआवजा को लेकर आंदोलन कर रहे टोपोलैंड के किसानों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि किसानों के मुआवजे को लेकर जिलाधिकारी मुंगेर नवीन कुमार ने अवगत कराया है। मुआवजे को लेकर जो खींचतान चल रही है, उसे जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा। सभी जानकारी इक्ट्ठा कर जा पटना जा रहे हैं। किसानों को जल्द ही मुआवजा मिलेगा।

कुछ तकनीकी समस्याओं पर आज पटना में होगी बैठक

अपन मुख्य सचिव ने कहा कि वह हाल ही में पथ निर्माण विभाग का प्रभार लिए हैं। टोपो लैंड के किसान पांच दिनों से मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे थे, 44 नंबर पाया के पास एप्रोच पथ काम बंद है, इसे लेकर पहुंचे थे। जिलाधिकारी, पुल निर्माण कंपनी के अधिकारी और किसानों से बातचीत हुई है, जो समस्याएं है उसे गंभीरता से सुना गया। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण में रेलवे की तरफ से कुछ समस्याएं आ रही है। शुक्रवार को एनएचआइ के चीफ महाप्रबंधक, कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। पुल निर्माण में जो भी समस्याएं आ रहीं है, उसे दूर किया जाएगा। डबल गति से निर्माण होगा।

कम जाएगी उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल की दूरी

इस पुल के चालू होने से उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, मिथिलांचल, खगडिय़ा, बेगूसराय, कोसी व सीमांचल की दूरी कम हो जाएगी। अभी मुंगेर के लोगों को इन जगहों पर वाहन से जाने के लिए भागलपुर विक्रमिशला सेतु या फिर मोकामा के हाथीदह पुल होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन, पुल चालू हो जाने के बाद इन परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। समय के साथ-साथ खर्च की भी बचत होगी। पुल चालू होने से मुंगेर से खगडिय़ा और बेगूसराय की दूरी 30 से 40 किलोमीटर ही होगी। इतना ही नहीं खगडि़या और बेगूसराय का सफर कुछ मिनटों में तय होगी। अभी मुंगेर के लोगों को सड़क मार्ग से जाने में घंटों का समय लगता है। 

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