Law & Order Bihar: खजांची है पूर्णिया का ये थाना क्षेत्र, 6 माह से सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभार पर

Law Order Bihar बिहार के पूर्णिया जिले के खजांची थाना क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था छह माह से प्रभार पर चल रही है। माने यहां स्थायी थाना अध्यक्ष नहीं है। यहां कई बड़े शोरूम से लेकर खजाने प्रमुख बैंकों की ब्रांच हैं जो इसे वास्तव में खजांची बनाते हैं।

Shivam BajpaiTue, 14 Sep 2021 08:07 PM (IST)
एसपी ने कहा जल्द मिलेगा सहायक खजांची को स्थायी थाना अध्यक्ष

राजीव कुमार, पूर्णिया। पूर्णिया जिले का सबसे संवेदनशील माने जाने वाला सहायक खजांची थाना छह माह से प्रभार में चल रहा है। इस सहायक थाना क्षेत्र में ना केवल सभी बैंकों की मुख्य शाखाएं हैं बल्कि पूर्णिया शहरी क्षेत्र के सभी स्वर्ण आभूषण की दुकानों के अलावा भट्टा बाजार एवं अन्य बाजारों की सैकड़ों की संख्या में कई ब्रांड के शोरूम भी इसी थाना क्षेत्र में अवस्थित है। इसके अलावा लाइन बाजार का इलाका भी इसी थाना क्षेत्र के अधीन है इसके बाबजूद यहां छह माह से थाना का संचालन अपर थाना अध्यक्ष के द्वारा किया जा रहा है। स्थायी थाना अध्यक्ष नहीं बनाने में जिले के आला पुलिस अधिकारियों की क्या विवशता है यह समझ से परे हैं।

ऐसी भी बात नहीं है की जिले में पुलिस पदाधिकारियों की कमी है स्थानांतरण के बाद बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों ने दूसरे जिलों से यहां कई महीने पूर्व ही योगदान कर लिया है लेकिन इसके बाद भी यहां को छोड़कर सभी थानों में स्थायी थाना अध्यक्ष को थाना की कमान सौंप दी गयी लेकिन शहरी क्षेत्र के सबसे संवेदनशील थाने को इससे नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि शहरी क्षेत्र होने के कारण सबसे अधिक शराबबंदी के बाद शराब की बिक्री के ठिकाने सहायक खजांची थाना क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। सबसे अधिक ठिकानों पर स्मैक की खुलेआम बिक्री इसी थाना क्षेत्र में होती है। हर दिन यहां कई भू विवाद के मामले भी सामने आते रहते हैं। मगर इस थाने को लेकर वरीय अधिकारियों की उदासीनता कई सवाल खड़े कर रही है।

क्राइम में बेतहाशा वृद्धि

हाल के दिनों में सहायक खजांची थाने में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के अलावा मोबाइल एवं चैन की छिनतई की घटनाओं में काफी वद्धि हुई है। लगातार बढ़ती घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत है की पुलिस को शिकायत करने के बाद भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाती है। शहरी क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध कार्य को रोकने के लिए अन्य थानों की तरह सहायक खजांची थाने में भी टाइगर मोबाइल के जवानों को तैनात किया गया है लेकिन इनका काम शहरी क्षेत्र में संचालित हो रहे अवैध कार्य को रोकना कम वसूली करना ज्यादा रह गया है। सोमवार की रात स्मैक पीने वाले युवकों द्वारा बाड़ी हाट में जिस तरह घर में घुसकर चाकू मारकर युवक की हत्या की गयी उसने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। वैसे बाड़ी हाट स्कूल परिसर में स्मैक पीने के बिखरे सामान पुलिस गश्ती और निगरानी के दावे की पूरी पोल खोल रहे है।

एसपी का दावा 15 दिन में सब ठीक हो जाएगा

एसपी दयाशंकर ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया है की 15 दिनों में सब ठीक हो जाएगा। एसपी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 35 ऐसे स्थानों की पहचान की गयी है जहां स्मैक पीने वाले युवक शाम में जमा होकर स्मैक पीते हैं। इन युवकों की गिरफ्तारी के लिए प्रशिक्षु डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है, जो इन ठिकानों पर लगातार छापामारी करेगा। एसपी की इस योजना का कितना असर होगा यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन स्मैक के कारण एक दिन में जिस तरह की दो घटनाएं सामने आई है उसने शहरी पुलिस व्यवस्था के दावे की पोल खोलकर रख दी है।

'सहायक खजांची थाने का इतने समय तक प्रभार में चलना काफी गंभीर मामला है वे इस मामले में एसपी से बात कर सहायक खजांची थाने में स्थायी थाना अध्यक्ष को पदस्थापित करने का निर्देश देंगे।'- सुरेश प्रसाद चौधरी आइजी पूर्णिया

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