बॉलीवुड को लुभाने लगा है कटिहार का मनिहारी, फ‍िर होगी फ‍िल्‍म की शूटिंग , जानिए

गोगाबिल पक्षी विहार व गंगा घाट के सौंद्रयीकरण की कवायद से समृद्ध इतिहास के दोहराने की उम्मीद

कटिहार जिले का मनिहारी गंगा घाट एक बार फ‍िर बॉलीवुड को लुभाने के लिए तैयार होने लगा है। गोगाबिल पक्षी विहार का प्राकृतिक सौंदर्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूर्व में भी यहां बंदिनी और पिया मिलन की आस जैसे फ‍िल्‍मों को शूटिंग हो चुका है।

Publish Date:Sun, 17 Jan 2021 12:58 PM (IST) Author: Amrendra kumar Tiwari

कटिहार [प्रकाश वत्‍स] । राज्य सरकार की पहल से एक बार फिर जिले से गुजरती पावन गंगा का आंचल बालीवुड को लुभाने के लिए तैयार हो रहा है। मनिहारी गंगा घाट के साथ गोगाबिल पक्षी विहार व गंगा-कोसी संगम तट के सौंद्रयीकरण को लेकर शुरु हुई कवायद फिल्म निर्माताओं का ध्यान अभी से खींचने लगा है। हाल में एक निर्माणाधीन भोजपुरी फिल्म की शूटिंग  का लोकेशन देखने एक दल यहां पहुंचा भी था। इससे एक बार फिर इतिहास दोहराने की सुखद उम्मीद बढऩे लगी है।

अशोक कुमार व नूतन ने भी बिताए थे कई दिन

कभी मनिहारी गंगा घाट, घाट स्टेशन व यहां की प्राकृतिक सुंदरता फिल्मी दुनिया के लिए भी आकर्षण का केंद्र हुआ करता था। सन 1963 में अभिनेता अशोक कुमार व अभिनेत्री नूतन अभिनीत सुपरहिट फिल्म बंंदिनी की शूटिंग मनिहारी गंगा घाट स्टेशन पर ही हुई थी। दोनों शूटिंग  के सिलसिले में कई दिन यहां रुके भी थे। इसके अलावा पिया मिलन की आस जैसी फिल्म के कलाकार यहां महीनों रहकर फिल्म की शूटिंग  की थी। बांग्ला व भोजपुरी के कई अन्य फिल्मों की शूटिंग  यहां हुई थी।

स्‍वर्णिम इतिहास दोहराने के लिए तैयार हो रहा मनिहारी

उस समय पूर्वोत्तर भारत को शेष भारत से जोडऩेवाला यह महत्वपूर्ण मार्ग था। सामारिक व व्यापारिक द्यृष्टि से इसका काफी महत्व था। रेलवे का जहाज भी गंगा में चलता था। बाद में सब कुछ कटाव की भेंट चढ़ गया। प्राचीन मनिहारी घाट स्टेशन जहां अवस्थित था, वहां फिलहाल गंगा की धारा बह रही है। बहरहाल एक बार फिर हल्दिया से वाराणसी तक मालवाहक जहाज के परिचालन, गोगाबिल पक्षी विहार के विकास, मनिहारी गंगा घाट के सौंदर्यीकरण की पहल से इस क्षेत्र के स्वर्णिम इतिहास के दुहराने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

बोले वरिष्‍ट रंगकमी

कटिहार के वरिष्‍ठ रंगकर्मी आलोक कुमार ने कहा कि महज छह दशक पूर्व तक मनिहारी गंगा घाट स्टेशन व यहां का लोकेशन फिल्म शूटिंग  के लिए बड़े-बड़े निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र था। बंदिनी, पिया मिलन की आस के साथ-साथ कई बंगला व भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग  यहां हुई थी। कटाव की त्रासदी में सब कुछ खत्म हो गया था। अब गंगा घाट को फिर से संवारने, पक्षी विहार के विकास की कवायद से एक नई उम्मीद जगी है। कई भोजपुरी फिल्म के निर्माताओं की नजर यहां के लोकेशन पर है। उम्मीद है पूर्व की तरह यहां फिल्मों की शूटिंग  की कवायद फिर यहां शुरु होगी।

 

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