जमुई पंचायत चुनाव 2021 परिणाम: अपने जनप्रतिनिधि से मतदाता नाराज, जिले के 132 मुखिया को हरा दिया

जमुई पंचायत चुनाव 2021 परिणाम जिले में वोटरों की नाराजगी मुखिया प्रत्‍याशी को देखने को मिली। 132 मुखिया यहां से चुनाव हार गए हैं। जिले भर के 21 पंचायतों में ही हो सकी निवर्तमान मुखिया की वापसी। खैरा के छह तथा सोनो के पांच मुखिया बचा सके।

Dilip Kumar ShuklaPublish:Fri, 26 Nov 2021 05:53 PM (IST) Updated:Fri, 26 Nov 2021 05:53 PM (IST)
जमुई पंचायत चुनाव 2021 परिणाम:  अपने जनप्रतिनिधि से मतदाता नाराज, जिले के 132 मुखिया को हरा दिया
जमुई पंचायत चुनाव 2021 परिणाम: अपने जनप्रतिनिधि से मतदाता नाराज, जिले के 132 मुखिया को हरा दिया

जमुई [आशुतोष सिंह]। 153 पंचायत वाले जमुई जिले में 132 मुखिया ऐसे हैं जो अपनी दूसरी पारी नहीं खेल पाए। यानी पंचायत आम चुनाव में दूसरी बार जीतकर मुखिया बनने का सपना साकार नहीं हो सका। 24 नवम्बर को हुए अंतिम चरण के मतदान के पश्चात 26 नवम्बर, शुक्रवार को हुई मतगणना में खैरा प्रखंड के 23 पंचायतों में से चार मुखिया ही पुन: जीत हासिल कर मुखिया पद पर काबिज हुए हैं। अंतिम चरण की मतगणना के बाद यह साफ हो गया कि जिले भर के 153 पंचायतों में से मात्र 14 पंचायत ही ऐसे हैं जहां पुन: निवर्तमान मुखिया को मतदाताओं ने पसंद किया है। इस सूची में सोनो प्रखंड के पांच निवर्तमान मुखिया को पुन: एक बार जनता ने पसंद किया है।

सोनो प्रखंड के ढोढरी, केशोफरका, सोनो, चुरहैत और लोहा पंचायतों में निवर्तमान मुखिया अपनी सीट बचाने में कायम रहे हैं। सोनो पंचायत से रेखा देवी, चुरहैत पंचायत से गैना मांझी तथा लोहा पंचायत से जमादार सिंह ने अपनी जीत दर्ज की है। सिकंदरा प्रखंड के 13 पंचायतों में से मात्र 2 पंचायतों में ही पुराने मुखिया अपनी कुर्सी बचा पाए है। गोखुला फतेहपुर और मंजोस पंचायत से किरण देवी और भावना ङ्क्षसह ने दूसरी बार जीत हासिल की है।

सबसे अधिक पंचायतों वाले चकाई प्रखंड में 23 पंचायतों में से दुलमपुर पंचायत के मुखिया दिनेश यादव एकमात्र मुखिया है जिन्होंने अपनी सीट बचाई है। 22 पंचायतों में नए चेहरे ही जीतकर मुखिया पद पर काबिज हुए हैं। अलीगंज प्रखंड में भी 13 पंचायतों में से एक ग्यारह चेहरे नए हैं अलीगंज प्रखंड के दिलीप रावत तथा तथा पंचायत के देवानंद यादव दूसरी बात जीतकर मुखिया बने हैं। 9 पंचायतों वाली भरत प्रखंड में 2 पंचायतों में पुराने मुखिया ने अपनी जीत हासिल की है।

बरियारपुर पंचायत के निवर्तमान मुखिया मक्केश्वर यादव की पत्नी सरस्वती देवी ने जीत हासिल की है जबकि बरहट पंचायत की जितनी देवी दूसरी बार जीतकर मुखिया बनी है। गिद्धौर प्रखंड में भी 8 पंचायतों में से एक ही मुखिया ने अपनी सीट बचा पाई है पूर्वी गोल्डी के निवर्तमान मुखिया बबलू यादव की पत्नी सुनीता देवी ने पंचायत चुनाव में मुखिया पद पर जीत हासिल की है।

पंचायत चुनाव में जीत हार का आंकड़ा

प्रखंड ---नया चेहरा-- ---पुराना चेहरा

सिकंदरा-------11---------02

चकाई ------------22------01

अलीगंज ------11------02

बरहट ---------07-------02

गिद्धौर -------07--------01

लक्ष्मीपुर----12--------01

सोनो --------14--------05

जमुई ---------15--------00

झाझा --------17--------03

खैरा--------16---------06

कुल-----132--------21

लक्ष्मीपुर प्रखंड के 13 पंचायतों में से एकमात्र मटिया पंचायत में निवर्तमान मुखिया स्वर्गीय महेश दास की पत्नी महा मनी देवी ने जीत हासिल की है। शेष 12 पंचायतों में मतदाताओं ने नए चेहरों को मौका दिया है। जमुई सदर प्रखंड के 15 पंचायतों में एक भी पुराने मुखिया जीत हासिल नहीं कर पाए हैं।

झाझा प्रखंड के 20 पंचायतों में से चाय टेलर बा तथा कनौदी पंचायत में मतदाताओं ने निवर्तमान मुखिया को मौका दिया है जबकि 17 पंचायत में नए चेहरे जीत कर आए हैं। पंचायत चुनाव के अंतिम चरण में खैरा प्रखंड के 22 पंचायतों में से 6 मुखिया पुन: एक बार जीत कर मुखिया की कुर्सी बरकरार रखे हैं इसमें बेला, गोपालपुर, हरखाड के मुखिया शामिल हैं।