एसएम कॉलेज में इस इस सत्र में इंटर की छात्राओं का नहीं होगा दाखिला, प्राचार्य ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखा पत्र, जानिए मामला

इस सत्र से एसएम कॉलेज भागलपुर में इंटर की पढ़ाई बंद हो जाएगाी।

इस सत्र से एसएम कॉलेज भागलपुर में इंटर की पढ़ाई बंद हो जाएगाी। इसके लिए प्राचार्य ने डीईओ को पत्र लिखा है। दरअसल छात्राओं के लिए यह कॉलेज शुरू से पहली पसंद रही है। कॉलेज प्रशासन के इस निर्णय से छात्राओं में निराशा है।

Abhishek KumarThu, 08 Apr 2021 11:06 AM (IST)

जागरण संवाददाता, भागलपुर। इंटरमीडिएट की परीक्षा का बहिष्कार करने के बाद इस बार सुंदरवती महिला महाविद्यालय (एसएम कॉलेज) ने वर्तमान (सत्र : 2021-23) में नामांकन नहीं लेने का फैसला किया है। प्राचार्य डॉ. रमन सिन्हा ने इस लेकर एक अप्रैल को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीइओ) संजय कुमार को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि यह निर्णय उन्होंने शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मियों के स्टॉफ काउंसिल की बैठक के बाद लिया है।

निर्णय लिया गया है कि (सत्र : 2021-23) में नामांकन के लिए कॉलेज परीक्षा भवन, जिला शिक्षा विभाग को बगैर किराया लिए आवंटित करेगा। जहां विभाग अपने प्राचार्य/प्रभारी प्राचार्य/हेडमास्टर को नियुक्त या प्रतिनियुक्त कर नामांकन लें। इसके साथ फैसला लिया गया कि अगले (सत्र : 2022-24) में अगर कॉलेज में नामांकन होता है तो विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि, कॉलेज के प्रतिनिधि तथा शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि के साथ त्रिपक्षीय वार्ता कर किराया पर चर्चा हो। इसमें जो भी निर्णय हो उसका पालन किया जाए।

इसके साथ प्राचार्य ने डीइओ को लिखा है कि वे इंटरमीडिए का बैंक खाता कॉलेज से अलग करते हुए एक लेखापाल नियुक्त करें। जिससे आय-व्यय का लेखा जोखा रखते हुए आर्थिक पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा इंटरमीडिएट नामांकन, पंजीयन, परीक्षा फार्म भरवाने एवं परीक्षा प्रवेश पत्र निर्गत करने के लिए दो कंप्यूटर और दो दक्ष कर्मियों को नियुक्त कर कॉलेज भेजें। साथ ही दो चतुर्थवर्गीय कर्मी को नियुक्त करें। ताकि वे कॉलेज में इंटरमीडिएट से जुड़े सभी दस्तावेजों को कॉलेज से संबंधित कार्यालय और बोर्ड ऑफिस ले जा सके। पत्र की कॉपी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना और कुलसचिव टीएमबीयू को भी दी गई है।

प्राचार्य ने डीइओ से अनुरोध किया है कि वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को सिफारिश पत्र दे कि जब तक इंटर की पढ़ाई कॉलेज में जारी रहेगी। तब तक नैक मूल्यांकन को स्थगित रखा जाए। इसके बाद पत्र की प्रति कॉलेज को भी उपलब्ध कराई जाए ताकि कॉलेज प्रशासन भी नैक मूल्यांकन को स्थगित करने की मांग कर सके। बता दें कि यूजीसी ने कॉलेजों को चेतावनी दी है कि यदि वहां इंटर की पढ़ाई होगी तो किसी तरह के भी अनुदान पर रोक लगा दी जाएगी। पिछले नैक मूल्यांकन में पीयर टीम ने इंटर की पढ़ाई पर आपत्ति भी की थी। एक सत्र में करीब 15 सौ छात्राएं कॉलेज में नामांकित होती हैं।  

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