अधर में पुनर्वास, दर-दर की ठोकर खा रहे विस्थापित

खगड़िया (कौशल किशोर ¨सह)। खगड़िया नगर परिषद क्षेत्रान्तर्गत वार्ड नंबर 26 में चार दशक से भी अधिक समय से रह रहे रहीमपुर, कुंभरचक्की के कटाव पीड़ितों को अब भी पुनर्वास का इंतजार है। वार्ड नंबर-26 पासवान टोला के संजय पासवान, मंजू देवी, काजोमा देवी आदि बताते हैं कि पासवान टोला में डेढ़ सौ से अधिक विस्थापित परिवार चार दशक से आशियाना बनाकर रह रहे हैं। जबकि प्रशासन के द्वारा मात्र 15 परिवार के लिए ही पुनर्वास का इंतजाम किया गया है। लोगों ने बताया कि वे लोग रहीमपुर-कुंभरचक्की के मूल निवासी हैं। चार दशक पूर्व उनलोगों के घर गंगा के कटाव में नदी में विलीन हो गए। इसके बाद शहर आकर खगड़िया बस पड़ाव के बगल में एनएच-31 के किनारे बस गए।

तबसे यहां ही झुग्गी-झोपड़ी में जीवन-यापन करने को विवश है। भादो में जब गंगा और बूढ़ी गंडक का पानी बढ़ता है, तो यह मोहल्ला बाढ़ के पानी से घिर जाता है। इस वर्ष भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल है।

स्थानीय लोगों के अनुसार अपनी जमीन नहीं रहने के कारण आवास योजना का भी लाभ नहीं मिला है। स्थानीय निवासी संजय एवं राजेश बताते हैं कि शौचालय निर्माण में भी पासवान टोला के लोगों की अनदेखी की गई है। यहां नाममात्र के शौचालय हैं। वहीं अन्य सरकारी योजनाओं का भी समुचित लाभ नहीं मिलता है। पुनर्वास को लेकर कई दफा गुहार लगा चुके हैं, परंतु परिणाम ढाक का तीन पात ही निकला है।

कोट

'भूमिहीन परिवारों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। अभियान बसेरा योजना के तहत इन्हें जमीन और आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।'

वीरबालक राय, सीओ, खगड़िया।

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