भारतीय रेलवे: हावड़ा की ट्रेनें नहीं जाएंगी किऊल, बाइपास रेल लाइन के निर्माण से दूर होगी बड़ी परेशानी

अब भारतीय रेलवे बनाएगा बाइपास। हावड़ा की ट्रेनें नहीं जाएंगी किऊल। जमालपुर-किऊल रेल सेक्शन स्थित रामपुर हाल्ट से महेश लेटा हाल्ट तक होना है निर्माण। ट्रेनों के परिचालन में समय की होगी बचत। रेलवे की जमीन पर एक बार हो चुका है निरीक्षण।

Shivam BajpaiPublish:Sun, 02 Jan 2022 08:44 AM (IST) Updated:Sun, 02 Jan 2022 08:44 AM (IST)
भारतीय रेलवे: हावड़ा की ट्रेनें नहीं जाएंगी किऊल, बाइपास रेल लाइन के निर्माण से दूर होगी बड़ी परेशानी
भारतीय रेलवे: हावड़ा की ट्रेनें नहीं जाएंगी किऊल, बाइपास रेल लाइन के निर्माण से दूर होगी बड़ी परेशानी

जागरण संवाददाता, मुंगेर: मालदा रेल मंडल ट्रेनों के समय पर परिचालन को लेकर हर तरह की तैयारी कर रही है। अब रेलवे मुंगेर के सबदलपुर के बाद दूसरा बाइपास बनाने की तैयारी में है। मालदा रेल मंडल के जमालपुर-किऊल रेल सेक्शन स्थित रामपुर हाल्ट के बीच रेलवे का नया बाइपास बनेगा। इस बाइपास की लंबाई लगभग आठ किलोमीटर होगी। बाइपास के बनने से जमालपुर से हावड़ा और हावड़ा से जमालपुर आने वाली ट्रेनों को किऊल स्टेशन नहीं जाना होगा। इस रूट की अप-डाउन की ट्रेनें सीधा बाइपास से मेन लाइन पर चली जाएंगी।

इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि प्लेटफार्म खाली नहीं होने की वजह से ट्रेनें आउटर पर नहीं फंसेंगी। बाइपास बनाने के लिए फाइनल सर्वे का काम जनवरी में होना है। बाइपास रेलवे की जमीन पर बनेगा। पूर्व रेलवे के अधिकारी ने बताया कि बाइपास बनने से भागलपुर-जमालपुर की हावड़ा जाने वाली ट्रेनें नहीं फंसेंगी।

किऊल जंक्शन पर चेंज होता है इंजन

वर्तमान में मालदा मंडल की ओर से दो जोड़ी ट्रेनें किऊल-झाझा-हावड़ा रूट की ट्रेनें गुजरती हैं। गोड्डा-रांची एक्सप्रेस और अंग एक्सप्रेस किऊल-जसीडीह रूट से होकर चलती है। इन ट्रेनों को भागलपुर रेल सेक्शन की तरफ आने के लिए किऊल जंंक्शन पर इंजन को बदला जाता है। इस प्रक्रिया में 30 से 45 मिनट का समय लगता है। ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी होने के बाद इंजन को दूसरे लाइन से क्रास कराने के बाद फिर से जोड़ा जाता है। बाइपास लाइन बनने के बाद इससे छुटकारा मिलेगा।

2022-23 की आम बजट में राशि स्वीकृति की उम्मीद

रेलवे के आलाधिकारी की मानें तो जमालपुर-किऊल रेल सेक्शन स्थित रामपुर हाल्ट से महेश लेटा हाल्ट (हावड़ा रूट) तक बाइपास रेल लाइन निर्माण का लगभग सभी काम पूरे कर लिए गए हैं। 2022-2023 में आम बजट के साथ प्रस्तुत होने वाले रेल बजट में नई बाइपास रेल लाइन के लिए राशि स्वीकृत होने की उम्मीद है। इसके लिए प्रस्ताव भी चला गया है।