भारतीय रेल: आज से सप्ताह में पांच दिन चलेगी भागलपुर-साहिबगंज पैसेंजर, Timetable जारी

भागलपुर और साहिबगंज के बीच कटुआ पैसेंजर का परिचालन आज से पर‍िचालन शुरू हो रहा है। निर्धारित समय सुबह 530 बजे भागलपुर स्टेशन से रेल का परिचालन शुरू होगा। 730 बजे साहिबगंज पहुंचेगी। सबौर लैलख-ममलखा घोघा एकचारी कहलगांव पीरपैंती मिर्जाचौकी में भी यह गाड़ी रुकेगी।

Dilip Kumar ShuklaMon, 27 Sep 2021 09:12 AM (IST)
रविवार को भागलपुर जंक्शन पर ट्रेन में लटक कर यात्रा करते यात्री।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। सोमवार से भागलपुर और साहिबगंज (05029/05030) के बीच कटुआ पैसेंजर का परिचालन शुरू होगा। सोमवार को यह अपने निर्धारित समय सुबह 5:30 भागलपुर स्टेशन से खुलेगी और सबौर, लैलख-ममलखा, घोघा, एकचारी, कहलगांव, पीरपैंती, मिर्जाचौकी रूकते हुए 7:30 बजे साहिबगंज पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन अपने निर्धारित समय रात 9:17 बजे साहिबगंज स्टेशन से खुलेगी। सप्ताह में पांच दिन चलनेवाली यह ट्रेन भागलपुर से रविवार व बुधवार और साहिबगंज से मंगलवार व शनिवार को नहीं चलेगी। अजीमगंज तक चलने वाली पिछले कई माह से इस ट्रेन का परिचालन बंद था।

साहिबगंज-भागलपुर रेलखंड के यात्रियों की परेशानी को ध्यान में रखकर इस ट्रेन को अजीमगंज के बजाय फिलहाल साहिबगंज और भागलपुर के बीच चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार दरअसल, साहिबगंज और भागलपुर के बीच सुबह में 8:45 बजे डाउन में वद्र्धमान पैसेंजर के पहले कोई ट्रेन नहीं चलने के कारण इस रेलखंड के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

पटरी पार कर जान जोखिम में डाल ट्रेन में चढ़ रहे थे यात्री, रोकनेवाला कोई नहीं

पारा मेडिकल परीक्षार्थियों ने जनसेवा और फरक्का एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में कब्जा कर लिया था। इन ट्रेनों में खचाखच भीड़ थी। पैर रखने तक की भी जगह नहीं थी। हर किसी को घर पहुंचने की जल्दबाजी थी। यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रेन में चढ़ रहे थे। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दोपहर 2:05 बजे भागलपुर स्टेशन से रवाना होने वाली भागलपुर से मुजफ्फरपुर तक चलने वाली जनसेवा एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या दो पर आकर लगी थी। पारा मेडिकल का प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद भागलपुर स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। ट्रेन पर सवार होने के लिए विद्यार्थियों में होड़ मच गई और जान को जोखिम में डालकर प्लेटफार्म संख्या एक से नीचे उतरकर पटरी पार कर ट्रेन में चढऩे लगे। परीक्षार्थियों की बात तो दूर उनके साथ आए अभिभावकों में भी होड़ मच गई थी।

कुछ अभिभावक अपने बच्चों को रोकने के बजाए वे खुद पटरी पार कर चलती ट्रेन में चढऩे का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान दो लड़की व उसके अभिभावक गिर भी गए। गनीमत यही थी कि उस समय कोई ट्रेन नहीं गुजरी। पटरी पार कर ट्रेन में चढ़ रहे यात्रियों को रोकने के लिए रेलवे की ओर से पहल नहीं की गई। बाद में सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिल कुमार स‍िंह के निर्देश पर सक्रियता दिखाते हुए जवानों ने ऐसे लोगों को रोका जो पटरी पार कर जान जोखिम में डाल ट्रेन में चढऩे का प्रयास कर रहे।

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