मुखिया की दबंगई... भाइयों संग स्कूल से शिक्षक को अगवा कर पीटा, चुनाव लडऩे के लिए मांगा पांच लाख रंगदारी

बांका में भाइयों संग स्कूल से शिक्षक को अगवा कर मुखिया ने पीटा।

बांका में मुखिया की दबंगई के चर्चो खूब हो रह हैं। दरअसल पंचायत चुनाव लडऩे के लिए मुखिया ने शिक्षक से पांच लाख की रंगदारी मांगी। इसी बात का विरोध करने पर भाइयों संग शिक्षक को मुखिया ने अगवा कर पीटा। हालांकि मुखिया ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

Publish Date:Sun, 24 Jan 2021 10:20 PM (IST) Author: Abhishek Kumar

जागरण संवाददाता, बांका। रजौन प्रखंड के मझगांय डरपा पंचायत के मुखिया मृत्युंजय सिंह द्वारा अपने भाइयों संग मझगांय विद्यालय के शिक्षक राजीव रंजन को अगवा कर मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीडि़त शिक्षक ने रजौन थाना में आवेदन दिया है।

शिक्षक राजीव रंजन ने बताया कि शनिवार के दिन वह स्कूल में थे। इसी दौरान मझगांय डरपा पंचायत के मुखिया मृत्युंजय कुमार सिंह के दो भाई संजय कुमार और तूफान कुमार वहां पहुंचे। उन दोनों के साथ विमल मंडल, विभास मंडल, बनारसी मंडल, मिट्ठू यादव, सहित छह और लोग थे। आने के साथ ही उन लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इस दौरान जब उन्होंने इसका विरोध किया तो वे लोग उग्र हो गए और जबदस्ती बाइक पर बैठा कर अपने गांव कोलहड्डा लेकर चले गए।

शिक्षक बोले- मुखिया ने मांगे पांच लाख रंगदारी

राजीव रंजन ने बताया कि दरवाजे पर पहुंचे ही मुखिया मृत्युंजय कुमार गाली-गलौज करने लगे। इसका विरोध करने पर सभी ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान मुखिया ने पंचायत चुनाव लडऩे के लिए पांच लाख रंगदारी की मांग की। इसके बाद उन्होंने इस घटना की जानकारी अंचल प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दी। वहीं, संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने इस घटना की निंदा की है। उन लोगों ने वरीय पदाधिकारियों से घटना की जांच करने की मांग की है।

मुखिया ने आरोप को बताया बेबुनियाद

शिक्षक द्वारा मारपीट और रंगदारी मांगने के आरोप को मुखिया मृत्युंजय सिंह ने बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव नजदीक आ रहा है। ऐसे में उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। वहीं, इस मामले में रजौन थानध्यक्ष बुद्धदेव पासवान ने कहा कि मुखिया पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिक्षक ने आवेदन थाने में दिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस मामले में कुछ भी कहा जा सकता है।  

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.