IB के जिम्मे होगी नारकोटिक्स के खिलाफ मुहिम की कमान, बिहार के सीमांचल में चल रहा विदेशी षड्यंत्र होगा नाकाम

अब आइबी के जिम्मे नारकोटिक्स के खिलाफ मुहिम की कमान भी होगी। देश विरोधी ताकतों द्वारा मादक द्रव्यों को हथियार बनाने की साजिश पर अंकुश की कवायद तेज कर दी गई है। बिहार के सीमांचल में मादक पदार्थों की तस्करी जोरों पर है इसको लेकर...

Shivam BajpaiThu, 28 Oct 2021 06:05 PM (IST)
नशे के खिलाफ विदेशी षड्यंत्र पर आइबी अलर्ट!

प्रकाश वत्स, जासं, पूर्णिया: नारकोटिक्स के खिलाफ मुहिम में अब IB (इंटीलिजेंस ब्यूरो) की अहम भागीदारी होगी। देश विरोधी ताकतों द्वारा अब मादक द्रव्यों को मुख्य हथियार बनाए जाने से गृह मंत्रालय के स्तर से यह निर्णय लिया गया है। नेपाल व बाग्लादेश की सीमा से सटे सीमांचल के इस इलाके के साथ हर सीमावर्ती इलाकों में आइबी का इसको लेकर विशेष मिशन शुरु होगा। विशेषकर हेरोइन, स्मैक व चरस आदि को लेकर आइबी द्वारा यह मिशन आरंभ किया जाएगा।

युवाओं को जिंदा लाश बनाने की चल रही साजिश

यह अहम निर्णय सीमांचल सहित देश के हर सीमावर्ती इलाकों में बिगड़ते हालात के मद्देनजर लिए गए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक नारकोटिक्स को हथियार बना देश के खिलाफ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ द्वारा दीर्घकालिक साजिश रची गई है। इसमें विभिन्न आतंकी व देश विरोधी संगठनों के सहयोग से प्रथम चरण में पहले सीमावर्ती इलाकों व फिर शनै: शनै: देश के अन्य भागों के युवाओं को हिरोइन, स्मैक, चरस आदि का लत लगा उसे अपंग बनाना है।

आम युवाओं व किशोरों को इस चपेट में लेने के लिए फिलहाल बड़े पैमाने पर स्मैक खपाने की कवायद तेज कर दी गई है। दिन प्रतिदिन काफी तादाद में युवा व किशोर देशविरोधी ताकतों की इस साजिश के शिकार हो रहे हैं। यह अप्रत्यक्ष रुप से देश की विकास की रीढ़ को क्षति पहुंचाने की साजिश है। विभिन्न स्त्रोतों से जुटाई गई रिपोर्ट में भयावह तस्वीर सामने आने पर गृह मंत्रालय द्वारा इस साजिश के खिलाफ मुहिम की कमान आइबी को भी सौंपी जा रही है।

देश विरोधी ताकतों के लिए बन रहा धन संग्रह का जरिया

देश विरोधी ताकतों द्वारा नारकोटिक्स को ज्यादा से ज्यादा धन संग्रह का जरिया भी बनाया जा रहा है। युवाओं को नशेड़ी बना इससे प्राप्त होने वाले आय को देश विरोधी ताकतें हथियार समेत अन्य संसाधन जुटाने में कर रहे हैं। इस कारोबार में बेहिसाब धन के चलते देश के अंदर ऐसी ताकतों को अपनी जड़ जमाने का भी सहज रास्ता मिल रहा है। इन तमाम पहलूओं को गंभीरता से लेते हुए इसके खिलाफ सशक्त मुहिम की तैयारी शुरु की गई है।

पांच साल में सीमांचल में भयावह हो चुकी है तस्वीर

देश विरोधी ताकतों की इस साजिश का जीता-जागता उदाहरण नेपाल व बांग्लादेश की सीमा पर अवस्थित पूर्णिया प्रमंडल का यह इलाका है। यहां के युवाओं व किशोरों में बढ़ रही स्मैक की बढ़ रही लत अभिभावकों के साथ खुद पुलिस के लिए भी सिरदर्द बनता जा रहा है। गत पांच साल के अंदर केवल चार जिलों के एक हजार से अधिक युवाओं को अभिभावकों को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराना पड़ा है। केवल पूर्णिया में इस दौरान एक दर्जन से अधिक युवाओं ने स्मैक नहीं मिलने व मानसिक संतुलन बिगड़ने के चलते आत्महत्या कर ली है। इसके अलावा पारिवारिक हिंसा, लूट, छिनतई व झपटमारी आदि घटनाओं में वृद्धि की मूल वजह स्मैक बनता जा रहा है। कई हत्या के पीछे भी स्मैक ही रहा है।

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