भागलपुर से हसडीहा तक एनएच बनेगा फोरलेन, भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दी स्वीकृति

भागलपुर के बड़ी और अच्‍छी खबर आज आई है। भागलपुर हसडीहा एनएच को फोरलेन बनाने की स्‍वीकृति भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दी है। स्वीकृति सड़क की डीपीआर बनाएगी दिल्ली की चेतन्या कंसलटेंसी। फोरलेन की डीपीआर से भू अर्जन तक एजेंसी करेगी।

Dilip Kumar ShuklaTue, 22 Jun 2021 10:00 AM (IST)
- 63 किमी भागलपुर-हसडीहा एनएच 133ई को बनाया जाएगा फोर लेन

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर से भलजोर (हसडीहा) तक एनएच 133ई को फोरलेन बनाया जाएगा। भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने फोरलेन सड़क बनाने की स्वीकृति दे दी है। इस सड़क की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए दिल्ली की चेतन्या कंसलटेंसी का चयन किया गया है। एग्रीमेंट के मुताबिक चयनित एजेंसी को सर्वे कर डीपीआर बनाने के साथ ही भू-अर्जन और टेंडर की कार्यवाही भी करनी है। टेंडर फाइनल होने तक कंसलटेंसी को काम करना है। एनएच के अधिकारी इन कार्यों में कंसलटेंसी को सहयोग करेंगे।

सात मीटर से बढ़कर 15 मीटर हो जाएगी सड़क की चौड़ाई

63 किलोमीटर भागलपुर-भलजोर तक सड़क को फोरलेन बनाने में 17 सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे सड़क की चौड़ाई सात मीटर से बढ़कर 15 मीटर हो जाएगी। सड़क के दोनों ओर दो-दो मीटर का फुटपाथ भी बनेगा। भागलपुर और भलजोर के बीच 45 पुल-पुलिया और कलवर्ट बनाए जाने हैं। ढाका मोड़ के पास रेलओवर ब्रिज का निर्माण होना है।

चौराहों पर बनेंगे फुटओवर ब्रिज, जगदीशपुर में बनेगा टोल प्लाजा

श्याम बाजार के पास पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनेगा। बैजानी और फुलवरिया के बीच चानन नदी पर स्थित पुल को तोड़ कर नया पुल बनाया जाएगा। पुल सीधा बनेगा। जगदीशपुर, रजौन, पुनसिया, बौंसी सहित प्रमुख चौक-चौराहों के पास फुटओवर ब्रिज का निर्माण होगा। कई चौक-चौराहों के पास गोलंबर बनेगा। जगदीशपुर के पास टोल प्लाजा बनेगा। पर्यावरण की दृष्टिकोण से सड़क की दोनों ओर पौधारोपण होना है।

जलजमाव वाली जगहों पर बनाई जाएगी पीसीसी सड़क

विभागीय अधिकारियों के अनुसार बिटुमिनस (अलकतरा-गिट्टी) से सड़क बनेगी, लेकिन जहां-जहां जलजमाव की समस्या है, वहां पीसीसी सड़क बनेगी। सड़क निर्माण के लिए 98 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है, जिसमें डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। भू-अर्जन एक दिशा में ही होना है। बांका जिले में भू-अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

चार किमी सड़क बनाएगा पथ निर्माण विभाग

इंजीनियरिंग प्रोक्यूरेंट कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड में बनने वाली सड़क की डिजाइन चयनित ठीकेदार को तैयार करानी होगी। लोहिया पुल से अलीगंज बाइपास के फ्लाइओवर के बीच चार किलोमीटर सड़क का निर्माण अब पथ निर्माण विभाग को कराना है। अधिकारियों की मानें तो डीपीआर बनाने में छह करोड़ रुपये खर्च होंगे।

निर्माण कार्य में आएगी तेजी

सड़क की डीपीआर से लेकर भू अर्जन तक कंसलटेंसी एजेंसी करेगी। ऐसा पहली बार हो रहा जब प्रशासन की जगह एजेंसी ही ये सब काम करेगी। इससे फोर लेन के निर्माण में तेजी आएगी, क्योंकि भू अर्जन में ही प्रशासन काफी समय लगा देता है। ऐसे में किसी भी सड़क या योजना समय पर पूरी नहीं हो पाती है।

भू-अर्जन, टेंडर की कार्यवाही में कंसलटेंसी को विभाग सहयोग करेगा। डीपीआर को मंत्रालय की स्वीकृति मिलने पर टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। -मनोरंजन कुमार पांडेय, कार्यपालक अभियंता, एनएच विभाग, भागलपुर प्रमंडल।

मुख्‍य बातें

- पहली बार ऐसा हो रहा जब प्रशासन की जगह कंसलटेंसी करेगी काम

- कंसलटेंसी को भू अर्जन की जिम्मेवारी मिलने से सड़क के काम में आएगी तेजी

- टेंडर दिए जाने तक करेगी काम, विभाग करेगा सहयोग

- 1700 करोड़ रुपये फोरलेन एनएच के निर्माण पर होगा खर्च

- 150 करोड़ रुपये भू-अर्जन पर भी किए जाएंगे खर्च

 

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