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ग्लोकल हॉस्पिटल: 12 दिनों में ज्योति छेड़छाड़ का रोज निकालता था मौका, क्या सचमुच नहीं थी प्रबंधन को जानकारी

ग्‍लोकल अस्‍पताल के कंपाउंड ज्‍योति कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

Bihar ग्लोकल हॉस्पिटल का हमेशा विवादों से नाता रहा है। इस अस्‍पताल में महिला अपने पति और मां के उपचार के लिए 17 से 28 अप्रैल तक वहां रही इसबीच 23 को पति पटना हुए थे रेफर। पटना में पति की मौत हो गई।

Dilip Kumar ShuklaThu, 13 May 2021 06:59 AM (IST)

जागरण संवाददाता, भागलपुर। ग्लोकल अस्पताल में वार्ड ब्वॉय का महिला से छेड़छाड़ की घटना में अस्पताल प्रबंधन भले पल्ला झाड़ रहा हो पर लोगों को ये बात हजम नहीं हो रही है। कहलगांव की रहने वाली पीड़ित महिला अपने कोरोना संक्रमित पति और मां के उपचार को 17 अप्रैल 2021 को ग्लोकल अस्पताल आई थी। 28 अप्रैल को मां अस्पताल से स्वस्थ्य हो डिस्चार्ज हुई। महिला के पति 23 अप्रैल को बेहतर उपचार के लिए पटना ले जाए गए थे। पीड़ित महिला की मां ग्लोकल में भर्ती थी। ग्लोकल अस्पताल में इन 12 दिनों में उस महिला ने जाने कितनी मानसिक यातना वार्ड ब्वॉय की वजह से झेल रही थी।

ज्योति कुमार इन 12 दिनों में रोज जब-तब मौका निकाल महिला के पास मंडराता पहुँच जाता था। कभी दुपट्टे खींचना, कमर पर हाथ दे महिला को गलत करने को राजी करने की जुगत निकालता। उधर वो अपमान और उसकी नीच हरकतों को खून का घूंट पी कर सिर्फ इसलिए बर्दाश्त कर रही थी कि वह जिस मां की जिंदगी बचाने आई है उसका उपचार सही से हो जाए। कोई गड़बड़ी ना हो। पीड़िता को अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ वहां के स्टाफ के खराब व्यवहार से वाकिफ महिला भयभीत थी कि कहीं उनके मरीज का केस बिगाड़ न दे। इसलिए वह उसकी हरकतों को देख उससे सतर्क जरूर रहने लगी थी। लेकिन इन 12 दिनों के दौरान ग्लोकल अस्पताल के वार्ड ब्वॉय की उस गिरी हरकतों की जानकारी नहीं रही होगी यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है।

अस्पताल की एक- एक गतिविधियों पर नजर रखने वाली अस्पताल प्रबंधन फिलहाल ज्योति के उस घिनौनी कुकृत्य से भले पल्ला झाड़ ले लेकिन पुलिस मामले में चुप नहीं बैठेगी। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और एसएसपी निताशा गुड़िया ने मंत्रणा बाद सहायक सदर अनुमंडल पदाधिकारी अन्नू कुमारी, सिटी एएसपी पुरन झा औ महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी की तीन सदस्यीय टीम बना प्रकरण की जांच करा प्रबंधन के पल्ला झाड़ने वाले रवैये पर ग्रहण लगा दिया है।

अस्पताल में लगे सीसी कैमरे और अन्य कर्मियों को  ज्योति की ज्यादति के संबंध में काफी जानकारी पुलिस को हाथ लगी है। उपचार करने अपनों को लेकर आई महिला से छेड़छाड़ की घटना से अस्पताल प्रबंधन भले पल्ला झाड़ लिया हो पर अब जांच का दायरा कइयों की गर्दन तक पहुँच जाएगा।

बिजनेस हेड अमित कुमार से महिला थानाध्यक्ष ने की पूछताछ

महिला से वार्ड ब्वॉय ज्योति कुमार के छेड़छाड़ मामले की जांच कर रही महिला थानाध्यक्ष रीता कुमारी ने ग्लोकल अस्पताल के बिजनेस हेड अमित कुमार से भी पूछताछ की है। आरोपित ज्योति के सम्बंध में पूछताछ में अमित कुमार ने महिला थानाध्यक्ष को बताया कि ज्योति सबौर थानाक्षेत्र के कामाख्या नगरी निवासी राजकुमार महतो का पुत्र है। लगभग ढाई साल से  अस्पताल में काम कर रहा है। पूछताछ के क्रम में महिला थानाध्यक्ष ने अन्य कर्मियों से भी जानकारी ली है। घटना के सम्बंध में पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा किया गया है।

14 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया आरोपित

महिला थानाध्यक्ष ने बुधवार को न्यायालय में आरोपित वार्ड ब्वॉय ज्योति को पेश किया। जहां उसके विरुद्ध दर्ज मुकदमा और उससे जुड़ी केस डायरी के अवलोकन बाद न्यायालय ने आरोपित को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ज्योति को कड़ी सुरक्षा घेरे में जेल भेजा गया। जेल जाने के पूर्व पुलिस टीम उसकी कोरोना जांच कराई जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई थी।  एसएसपी ने कहा कि दर्ज केस में पुलिस विधि सम्मत कार्रवाई कर रही है। आरोपित के विरुद्ध यथाशीघ्र आरोप पत्र भी पुलिस दाखिल करेगी।

पल्स, ओम न्यूरो साइंस और ग्लोकल अपने कर्मियों को बता रहा कसूरवार

रेमडेसिविर इंजेक्शन  की कालाबाजारी में लिप्त पल्स हॉस्पिटल, ओम न्यूरो साइंस और ग्लोकल अस्पताल के संचालक मंडल खुद को पाकसाफ बता सारा दोष अपने उन कर्मियों को ही दे रहे हैं। पल्स हॉस्पिटल के मैनेजर राहुल राज और ओम न्यूरो साइंस के कर्मी पिंटू ठाकुर की छह मई की रात मरे कोरोना मरीज के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने की कोशिश में गिरफ्तार हुए थे। कोतवाली थानाक्षेत्र के टोडरमल लेन स्थित स्टॉकिस्ट मुकुल ट्रेडर्स की दुकान पर पहले पिंटू गिरफ्तार हुए फिर बाद में राहुल राज की गिरफ्तारी हुई। पल्स हॉस्पिटल और ओम न्यूरो साइंस के संचालक ने सारा दोष उन आरोपितों के सिर मढ़ते हुए खुद को उनसे किनारा कर लिया है। हालांकि ड्रग इंस्पेक्टर ने पल्स और ओम न्यूरो साइंस संस्थान को भी मामले में आरोपित बनाया है। ऐसा बगैर उनकी संज्ञान में नही हो सकता। ड्रग इंस्पेक्टर दयानन्द प्रसाद ने दर्ज केस में दोनो संस्थानों की भूमिका संदिग्ध बता केस दर्ज कराया है। ग्लोकल अस्पताल में मंगलवार को हुई ड्रग विभाग की छापेमारी में रेमडेसिविर इंजेक्शन की एक वायल के मिसिंग होने की बात सामने आई है जिससे वहां भी बड़े खेल की संभावना व्यक्त की जा रही है।

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