बांका में अनशन पर बैठे किसान, बोले- नदी से बालू के उठाव पर लगे रोक, खेत हो रही बंजर

बांका में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है। किसानों ने इस पर रोक लगाने की मांग की है। उपवास पर बैठकर किसानों ने इसका विरोध किया। किसानों ने कहा कि बालू उठाव से खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।

Abhishek KumarMon, 16 Aug 2021 09:07 AM (IST)
बांका में बालू उठाव के विरोध में अनशन पर बैठे किसान। जागरण।

संवाद सहयोगी,बौंसी (बांका)। बाराहाट प्रखंड के सबलपुर के किसानों ने बालू उठाव के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा। सबलपुर स्थित मुख्य बजरंगबली चौक पर काफी संख्या में किसानों ने नदी बचाओ खेती बचाओ बैनर तले अनशन किया। कार्यक्रम की सूचना एसडीओ, सीओ , बीडीओ को भी दी गई थी।

अनशन का कार्यक्रम सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक किया गया। किसान संजीव कुमार सिंह ने बताया कि नदी से बालू उठाव होने के बाद खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। पटवन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है ।सबलपुर सहित आसपास गांव में किसानों की हालत बदतर हो गई है। नियम कानून को ताक पर रखकर बालू खनन होने से नदी का अस्तित्व समाप्त होते जा रहा है।

किसानों का आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। किसानों का उपवास तुड़वाने के लिए पूर्व एमएलसी संजय यादव, जिला पार्षद विजय किशोर सिंह, समाजसेवी राजू सिंह सहित अन्य लोगों ने आश्वासन देकर किसानों को जूस पिलाकर उपवास समाप्त करवाया। शांतिपूर्ण तरीके से किसानों ने अपना विरोध जताया।मौके पर किसान जितेंद्र कुमार सिंह उर्फ मुन्नी सिंह, प्रभात कुमार सिंह ,पप्पू सिंह ,राजेश सिंह,शबीर मियां ,संजीव कुमार चौधरी, शिलधर हरिजन, अनिरुद्ध बगबै, गोपाल सिंह ,डब्बू सिंह, सूर्य नारायण कापरी, दिलीप सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे।

खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी 

दरअसल, नदी से हो रहे बालू उठाव के कारण किसानों की समस्‍या काफी बढ़ गई है। उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे उन लोगों को सिंचाई के लिए अब काफी मशक्‍कत करना पड़ता है। चांदन नदी के किनारे के किसानों को इस समस्‍या का सबसे अधिक सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बालू उठाव से नदी गहरी हो गई है, जबकि खेत ऊंची है। ऐसे में नदी का पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। किसानों ने बालू के उठाव पर रोक लगाने की मांग की है।   

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