76 लाख खर्च होने के बाद भी वीरान पड़ा हुआ है नाथनगर का वेंङ्क्षडग जोन, दुकान आवंटन प्रक्रिया का विक्रेताओं ने किया था विरोध

भागलपुर का वेंडिंग जोन 76 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी विरान है। आनन-फानन लॉटरी के माध्यम से 143 में से 74 दुकानें आवंटित तो कर दी गई पर अभी तक विक्रेताओं को पत्र नहीं मिला है। इसकी वजह से वहां बिक्री का काम शुरू नहीं हो पाया है।

Abhishek KumarSat, 12 Jun 2021 07:40 AM (IST)
भागलपुर का वेंडिंग जोन 76 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी विरान है।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। नाथनगर के कर्णगढ़ में 75.97 लाख रुपये की लागत से बना शहर का पहला वेंङ्क्षडग जोन लंबे अर्से से वीरान पड़ा हुआ है। आनन-फानन लॉटरी के माध्यम से 143 में से 74 दुकानें आवंटित तो कर दी गई पर अभी तक विक्रेताओं को पत्र नहीं मिला है। इसकी वजह से वहां बिक्री का काम शुरू नहीं हो पाया है।

दरअसल, दुकान आवंटित किए जाने के बाद विक्रेताओं ने आवंटन नीति का विरोध किया था। सब्जी, अनाज व मांस-मछली की दुकानें अलग-अलग ब्लॉक में दिए जाने की मांग की और हंगामा किया। दंगा पीडि़त दुकानदार संघ की मांग पूरी नहीं होने के कारण विक्रेता दुकानों के आवंटन को नहीं मान रहे हैं। इसे लेकर शुरू हुए विवाद को निगम चार माह बाद भी नहीं सुलझा पाया है।

कुल 152 दुकानें बनाई गईं

वेंङ्क्षडग जोन में कुल 152 दुकानें बनाए गई हैं। इसमें पहली प्राथमिकता पूर्व के 106 वेंडरों को दी जाएगी। 74 वेंडरों को भौतिक सत्यापन में सही पाया गया। इसमें से चार वेंडरों की मृत्यु हो चुकी है। शेष 28 में से 19 वेंडरों के आवेदन की जांच की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से इसे बनाया गया है।

नाथनगर दंगा पीडि़त फुटकर विक्रेता संघ के अध्यक्ष बालकृष्ण साह ने बताया कि नगर आयुक्त को आवंटन रद कर नए सिरे से ब्लॉक वार आवंटन की मांग की गई है। साथ ही दुकानों के बीच दो फीट ऊंची दीवार दी गई है। जिससे लोगों को उत्पाद बिक्री करने में समस्या होगी। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रमंडलीय आयुक्त से शिकायत दर्ज कराएंगे।

किस ब्लॉक में कितनी दुकानें

ब्लॉक ए में 18 दुकानें

ब्लॉक बी में 16 दुकानें

ब्लॉक सी में 20 दुकानें

ब्लॉक डी में 26 दुकानें

ब्लॉक ई में 20 दुकानें

ब्लॉक एफ में 36 दुकानें

ब्लॉक जी में मछली बाजार

ब्लॉक एच में सात दुकानें

क्या है मामला

89 के दंगा पीडि़त दुकानदार कर्णगढ़ में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर वर्ष 1991 में कब्जा कर जीविका चला रहे थे। 2011 में न्यायालय ने 106 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। दंगा पीडि़त फुटकर दुकानदार संघ ने पीडब्ल्यूडी की जमीन को नगर निगम में स्थानांतरित कराया। छह वर्ष से वेंङ्क्षडग जोन निर्माण की प्रकिया चल रही थी।

फुटकर विक्रेताओं को जब दुकान आवंटित कर दी गई है तो उन्हें सुविधा का लाभ लेना चाहिए। अगर कोई परेशानी है तो नगर आयुक्त से जानकारी मांगी जाएगी।

- सीमा साहा, मेयर

कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य होने पर फुटकर विक्रेताओं के साथ समन्वय बैठक की जाएगी। उनकी मांगों के आधार पर जो बेहतर और नियम संगत होगा उसपर निर्णय लेंगे।

- प्रफुल्ल चंद्र यादव, नगर आयुक्त

नाथनगर वेंङ्क्षडग जोन की समस्या की जानकारी निगम के अधिकारी से ली जाएगी। इसे हर हाल में व्यवस्थित किया जाएगा।

- राजेश वर्मा, उपमहापौर

वेंङ्क्षडग जोन में तब तक विक्रेता नहीं बैठेंगे जब तक सब्जी, फल व अनाज की दुकानें अलग-अलग आवंटित नहीं की जाएगी। निगम ने दुकान आवंटन का कोई पत्र भी नहीं दिया है। प्रमंडलीय आयुक्त से शिकायत दर्ज कराएंगे।

- बालकृष्ण साह, अध्यक्ष, नाथनगर दंगा पीडि़त फुटकर विक्रेता संघ  

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