NH 327E के किनारे से हटने लगा अतिक्रमित, फोरलेन बनने का रास्ता साफ, जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट््स को मिला काम

एनएच 327 ई को फोरलेन में बदला जाएगा। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। अतिक्रमणकारियों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा सूचित किए जाने के बाद अधिकतर लोग सड़क की भूमि पर बनाए निर्माण कार्य को स्वत ध्वस्त कर अतिक्रमण हटा रहे हैं।

Abhishek KumarMon, 31 May 2021 04:04 PM (IST)
एनएच 327 ई को फोरलेन में बदला जाएगा।

संवाद सूत्र, ठाकुरगंज(किशनगंज)। जिले में दूसरी फोरलेन सड़क गलगलिया-अररिया राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 327 ई का निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व लोग अतिक्रमित भूमि को खाली करने में जुट गए है। अतिक्रमणकारियों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा सूचित किए जाने के बाद अधिकतर लोग सड़क की भूमि पर बनाए निर्माण कार्य को स्वत: ध्वस्त कर अतिक्रमण हटा रहे हैं। सामरिक महत्त्व वाले इस सड़क को भारतमाला परियोजना के तहत फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने टेंडर प्रक्रिया के बाद जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट््स लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट किया है। एग्रीमेंट के बाद जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट््स लिमिटेड के द्वारा वर्तमान में सॉयल टेङ्क्षस्टग का कार्य प्रारंभ किया गया है। एनएचएआई से एग्रीमेंट के अनुसार उक्त सड़क का निर्माण ढाई वर्ष यानी 30 माह में पूर्ण कर लेना है। निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर सड़क कई स्थानों पर प्लांट लगाए गए हैं।

जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट््स लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर अनीश दहल ने बताया कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के समानांतर एनएच 327 ई गलगलिया- ठाकुरगंज- बहादुरगंज- अररिया के बीच फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।1962 में ही लेटरल रोड परियोजना के तहत भारत सरकार ने इस सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य कर लिया था। गलगलिया से अररिया की ओर जाने के क्रम में सड़क के दायें तरफ बीच सड़क से 29 मीटर व बायें तरफ से 16 मीटर कुल 45 मीटर चौड़ी सड़क पूर्व से ही अधिग्रहित हैं और इस पूरे 45 मीटर की चौड़ाई में सड़क का निर्माण कार्य कराया जाएगा। अधिग्रहित सड़क के भूभाग में अतिक्रमित कर की गई निर्माण को खाली किया जा रहा है। जो खाली नहीं कर रहे हैं, वह भी जल्द खाली कर दें ताकि सड़क निर्माण कार्य में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हो। सड़क के अधिग्रहित भूमि पर लगे फसलों पर कोई भी मुआवजा देय नहीं होगा। सड़क के दोनों तरफ लगे वृक्षों को काटने का आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ। वृक्षों के कटाव के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय रांची से आदेश व अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का इंतजार है। जैसे ही विभागीय आदेश प्राप्त होते हैं, सड़क निर्माण कार्य में और तेजी आएगी और तय समय सीमा से पूर्व ही सड़क निर्माण कार्य कर पूर्ण कर लिया जाएगा।

 

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