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पुलिस के लिए चुनौती बनी तुषार की मौत का राज जानना

भागलपुर : सुरखीकल में तुषार तरूण की मौत का रहस्य सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है। अब तक पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है कि सिर पर मौत से पहले चोट कहां से आया।

दरअसल तुषार को जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में जहर खाने की बात को लेकर भर्ती कराया गया था। अस्पताल के रजिस्टर में भी जहर की बात लिखी गई है। उसके सिर कहीं भी चोट का जिक्र नहीं किया गया। यही नहीं तुषार के पिता ने केस दर्ज कराया है। उसमें भी कहीं सिर में चोट की बात नहीं बताई गई है। बदलते बयान से बढ़ा दी है परेशानी

20 जून को तुषार की मौत के बाद पिता संजीव मिश्रा ने बेटे द्वारा आत्महत्या की बात बताते हुए पुलिस के पास बयान दर्ज कराया था। इसमें 15 लोगों को उकसाने का आरोपित बनाया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु के पहले सिर पर चोट की बात सामने आई तो पिता भी हत्या की बात कहने लगे। सिटी डीएसपी राजवंश सिंह जब जांच के लिए उनके घर पहुंचे थे तो वहां अलग अलग लोगों से बयान लिया। सभी की बातों में भिन्नता थी। इस वजह से पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। आरोपितों से पुलिस करेगी पूछताछ

तुषार के पिता ने इस मामले में 15 आरोपितों पर केस दर्ज कराया है। पुलिस उन लोगों से भी पूछताछ करेगी। उनका बयान दर्ज कर कारणों की तलाश करेगी। अब तक पुलिस तुषार तरूण की मौत और आरोपितों का कनेक्शन आपास में नहीं जोड़ पाई है। चूंकि केस आत्महत्या के लिए उकसाने का हुआ है। लेकिन कई आरोपितों का फोन या आमने सामने भी कई माह से कनेक्शन तुषार से नहीं है। ऐसे में हत्या या आत्महत्या के लिए उकसाने की बात साबित करना भी पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।

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