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Corona effect : मनोवैज्ञानिक परीक्षण से गुजरेंगे फांसी बंदी, कुछ इस प्रकार की गई है तैयारी

भागलपुर [कौशल किशोर मिश्र]। शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में रखे गए फांसी की सजा पाए सूबे के 12 दुर्दांत कैदियों का मनोवैज्ञानिक परीक्षण होगा। कोरोना वायरस के तेजी से फैलाव बाद उनकी मानसिक स्थिति की जांच के लिए जेल प्रशासन विशेष मनोवैज्ञानिक परीक्षण कराएगा।

आम कैदियों से अलग फांसी की सजा पाए इन बंदियों को जेल के अति सुरक्षा कक्ष में रखा जाता है। अन्य वार्डों के कैदियों की परछाई उन्हें यदा-कदा विशेष आयोजनों में ही होता। फांसी की सजा पाए ऐसे कैदी कोरोना काल में किस मानसिक स्थिति में हैं। उनपर क्या-क्या प्रभाव हुआ है। वे किस मानसिक दौर से गुजर रहे हैं। इसकी विधिवत जांच की जाएगी। क्योंकि मुलाकाती नियम स्थगित किये जाने के बाद उनमें बेचैनी बढऩे की बात सामने आ रही है। जेल प्रशासन हालांकि फांसी की सजा पाए बंदियों को घर-परिवार का हाल जानने को घर वालों से सप्ताह में एक दिन बातें करा रहा है।

शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में बंद है 12 फांसी बंदी

यहां की शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में फांसी की सजा पाए 12 बंदी रखे गए हैं। उन्हें उच्च सुरक्षा कक्ष में रखा गया है। इन कैदियों में दीपक राय उर्फ विपत राय, निरंजन कुमार उर्फ अलखदेव कुमार, मुन्ना पांडेय, मनीष कुमार उर्फ नेपाली मंडल, शेरू उर्फ ओंकार नाथ सिंह, जगत राय, अजीत कुमार, ध्रुव सहनी, सोनू कुमार, रूपेश कुमार मंडल, प्रशांत कुमार मेहता, जियाउद्दीन उर्फ धन्नो शामिल है।

शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा के उच्च सुरक्षा कक्ष में रखे गए फांसी की सजा पाए 12 बंदियों की विशेष मनोवैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। -संजय कुमार चौधरी, जेल अधीक्षक, भागलपुर

मुजफ्फरपुर जेल से लाए गए गोलू ठाकुर समेत सात कैदी

शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा मुजफ्फरपुर से शनिवार को कुख्यात गोलू ठाकुर समेत सात कैदियों को भागलपुर लाया गया। जिन कैदियों को कड़ी सुरक्षा घेरे में यहां लाया गया उनमें गोलू ठाकुर, शंभू सिंह, भैरव त्रिपाठी, रघुवंश कुमार, राजा कुमार, चंदन भगत और शशांक राज शामिल हैं। उन्हें मुख्यालय की अनुशंसा पर छ:ह माह के प्रशासनिक आदेश पर लाया गया है। कारा अधीक्षक संजय कुमार चौधरी की उपस्थिति में उनकी विशेष जांच कराई गई। स्वास्थ्य और सुरक्षा जांच प्रक्रिया के बाद अति सुरक्षित टी-सेल में रखा गया है। लाए गए कैदियों में सजावार और विचाराधीन कैदी शामिल हैं।

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