Black marketing of Covid drugs: कोरोना में कारगर दवाओं की कालाबाजारी में कई बड़े चेहरे, नाम हुआ उजागर तो बेनकाब हुए लोग

गिरफ्तार राहुल राज के बयान से बेनकाब होंगे उनके चेहरे।

Black marketing of drugs गिरफ्तार राहुल राज और पिंटू ठाकुर ने कई बड़े लोगों का नाम उजागर किया है। दवाओं की कालाबाजारी यहां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कोरोना के समय में भी कुछ लोग आपदा में लूट रहे हैं।

Dilip Kumar ShuklaMon, 10 May 2021 08:45 AM (IST)

भागलपुर [कौशल किशोर मिश्र]। Black marketing of  drugs: कोरोना त्रासदी के बीच महामारी से निजात दिलाने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन और दवाओं की कालाबाजारी में कई बड़े चेहरे शामिल हैं। पल्स हॉस्पिटल के मैनेजर राहुल राज और ओम न्यूरो साइंस अस्पताल के कर्मी पिंटू ठाकुर की गिरफ्तारी बाद कोतवाली पुलिस उन बड़े चेहरों को सामने लाने की तैयारी शुरू कर दी है। राहुल और पिंटू को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस न्यायालय में अर्जी देगी। मामला हाइप्रोफाइल होने के कारण दवाओं की कालाबाजारी के तगड़े नेटवर्क में शामिल डॉक्टर और सफेदपोशों पर हाथ डालने के पूर्व कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके लिए तकनीकी निगरानी के जरिए ठोस सबूत जुटा रही है। इसी कड़ी में राहुल का न्यायालय में बयान भी दर्ज कराएगी। दवा निरीक्षक दयानन्द प्रसाद के लिखित बयान पर कोतवाली थाने में दर्ज केस में प्लस हॉस्पिटल और ओम न्यूरो साइंस संस्थानों को भी रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में आरोपित माना है। दवाओं की कालाबाजारी में बाहर के एजेंट आलम और ओम न्यूरो साइंस संस्थान के चंदन कुमार को आरोपित मान उनकी गिरफ्तारी को ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। कोतवाली पुलिस सोमवार को अदालत में रिमांड की अर्जी दी सकती है। जेल भेजे जाने के पूर्व प्लस हॉस्पिटल के मैनेजर राहुल ने कोतवाली थाना परिसर में पुलिस हिरासत में यह कहता रहा कि जिसको लाखों कमा कर दिया उसी ने धोखा दिया। वह उनकी भूमिका भी उजागर करने से पीछे नहीं हटेगा।

मृत कोरोना मरीज के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदने स्टॉकिस्ट मुकुल ट्रेडर्स के टोडरमल लेन स्थित दुकान गया था पिंटू

छह मई 2021 की देर शाम कोतवाली थानाक्षेत्र के टोडरमल लेन स्थित स्टॉकिस्ट मुकुल ट्रेडर्स के यहां प्लस हॉस्पिटल में मृत कोरोना मरीज के नाम इंजेक्शन खरीदने पहुँच गया था। स्टॉकिस्ट विनय ठाकुर को संदेह होने पर पिंटू ठाकुर की गिरफ्तारी हुई थी। उसकी निशानदेही पर प्लस हॉस्पिटल के मैनेजर राहुल राज भी गिरफ्तार कर लिया गया था। फिर औषधि निरीक्षक की जांच में तगड़े नेटवर्क के कालाबाजारी में शामिल होने की बात सामने आई।

जिस मुकुल ट्रेडर्स के यहां पल्स हॉस्पिटल का डिमांड लेटर और वहां भर्ती मरीज के आधार कार्ड का हवाला दे रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने की जुगाड़ लगाने पिंटू पहुंचा था। वह नेटवर्क का छोटा प्यादा था। औषधि निरीक्षक प्रसाद ने कोतवाली थानाध्यक्ष के नाम प्रतिवेदन दे गिरफ्तार राहुल राज, पिंटू कुमार के अलावा फरार आलम, चंदन कुमार और पल्स और ओम न्यूरो साइंस अस्पताल की भूमिका को जांच में संदिग्ध पाते हुए उपरोक्त व्यक्तियों और संस्थानों के विरुद्ध् ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट समेत अन्य कई संगीन आरोप में केस दर्ज कराया है। केस दर्ज कराने वाले औषधि निरीक्षक दयानंद प्रसाद ने जांच के क्रम में पल्स और ओम न्यूरो साइंस अस्पताल गए।

दोनों जगहों के चंद कर्मचारियों की भूमिका को संदिग्ध पाते हुए उन्हें नामजद बनाया। दोनों संस्थानों को भी आरोपित के रूप में सामने लाया लेकिन उनके संचालकों को नामजद आरोपित स्वयं नहीं बनाते हुए कोतवाली पुलिस के पाले में गेंद फेंक दिया। अब कोतवाली पुलिस कालाबाजारी के तगड़े नेटवर्क में शामिल चंद डॉक्टरों और सफेदपोशों के नाम उजागर करने की तैयारी में है। एसएसपी निताशा गुड़िया के निर्देश पर साइबर सेल तकनीकी जांच के जरिए राहुल राज और पिंटू के सम्पर्क में आने वाले उन बड़े लोगों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।

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