Black marketing of antigen kit: पैसा दीजिये, घर पर जाकर कर देंगे जांच, वसूल रहे इतने रुपये

जिला स्वास्थ्य समिति भी लैब टेक्नीशियन के खेल से बना है अनजान

Black marketing of antigen kit भागलपुर के अस्पतालों में तैनात तकनीशियन कर रहे एंटीजन किट की कालाबाजारी। 700 रुपये से एक हजार तक ली जा रही राशि। घर-घर जाकर लोगों का ले रहे सैंपल। रोज एक से डेढ़ लाख तक की हो रही उगाही डेढ़ सौ किट खपाया जा रहा।

Dilip Kumar ShuklaWed, 12 May 2021 01:26 PM (IST)

भागलपुर [रजनीश]। Black marketing of antigen kit: आपको एंटीजन किट से कोरोना की जांच करानी हो तो इसके लिए तनाव नहीं लें। अस्पताल और लाइन में खड़ा रहने की भी जरूरत नहीं है। आपके घर पर ही तकनीशियन किट लेकर पहुंच जाएंगे और सैंपल ले लेंगे। इसके एवज में आपको सात सौ रुपये से लेकर एक हजार तक भुगतान करना पड़ेगा। जी हां! अभी सिल्क सिटी में यह खेल खूब चल रहा है। जेएलएनएमसीएच, सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठे लैब तकनीशियन एंटीजन कीट की कालाबाजारी कर रहे हैं। हर दिन सौ से ज्यादा एंटीजन किट बेची जा रही है। जिला स्वास्थ्य समिति को इस बात की जानकारी तक नहीं है।

सफाई से गोरखधंधा, रजिस्टर पर नाम और किट पर नंबर दर्ज

घर-घर जाकर एंटीजन किट की कालाबाजारी का धंधा बहुत ही सफाई से की जा रही है। जिन लोगों को जांच करानी होती है वह सीधा लैब तकनीशियन से संपर्क करते हैं। लैब तकनीशियन  जितने किट की जरूरत होती है। उसका बकायदा रजिस्टर और किट पर नंबर और नाम भी अंकित करते हैं। ऐसा इसलिए करते है ताकि कल जांच होती है तो गोरखधंधा का पता नहीं चल सकेगा। इस धंधे में हर दिन करीब एक से डेढ़ लाख रुपये की अवैध उगाही हो रही है।

कोड में होती है बात, दो किट मतलब दो टबलेट

घर पर जाकर लैब तकनीशियन कोरोना का सैंपल ले रहे हैं। जिन लोगों को जांच करानी होती है वह फोन कर अपनी जरूरत बताते हैं। तकनीशियन कोड में बात करते हैं। मसलन दो लोगों की जांच करानी है तो (दो टबलेट), तीन जांच करानी है तो (तीन टाइम टबलेट)। तकनीशियन किट से जांच करने की एवज में मोल भाव भी करते हैं। जांच के बाद भुगतान नकद में किया जाता है।

शराब की तरह किट की डिलीवरी

शराबबंदी के बाद जिस तरह से शराब की डिलीवरी माफिय घर-घर करते हैं, ठीक उसी तरह कोरोना वायरस की जांच के लिए एंटीजन किट की डिलीवरी कर रहे हैं। इस धंधे की वजह से जहां आम लोगों को की वजह से जांच नहीं हो रही है। दूसरी ओर इस धंधे में लिप्त तकनीशियन मालामाल हो रहे हैं।

शहर के वित्त मामले के जानकार सह समाजसेवी ने अपने घर के चार सदस्यों की कोरोना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैनात तकनीशियन से संपर्क किया। तकनीशियन दूसरे दिन चार एंटीजन किट लेकर इनके घर पहुंचा और सैंपल एकत्र किए। इसके एवज में तकनीशियन ने तीन हजार लिए।

शहर के एक व्यापारी को जांच करानी थी। दो दिन स्टेशन जाने के बाद उनका जांच नहीं हो सका। इसके बाद सदर अस्पताल के एक तकनीशियन से संपर्क साधा। तकनीशियन घर पर पहुंचकर एंटीजन किट से जांच की। एक हजार लिया।

बूढ़ानाथ मंदिर के पास एक बुजुर्ग की तबीयत खराब थी। यह जांच केंद्र जाने में असमर्थ थे। इस बीच इनके लड़के ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक तकनीशियन से संपर्क किया। फिर तकनीशियन ने घर पर आकर इंजेक्शन लिया। इसके एवज में एक हजार लिया।

एंटीजन किट से कोरोना की जांच बनाए गए केंद्रों पर हो रही है। घर पर जाकर जांच करना गलत है। इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। ऐसा हो रहा है तो गलत है। कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. उमेश शर्मा, सिविल सर्जन।

 

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