Bihar Politics: अशोक चौधरी ने बताया आखिर क्यों दिया गया 15 साल-बेमिसाल का नारा, RJD पर साधा निशाना

15 साल बेमिसाल कार्यक्रम में शामिल होने जमुई पहुंचे भवन निर्माण मंत्री ने राजद शासनकाल पर निशाना साधते हुए बताया कि आखिर क्यों ये नारा दिया गया है। उन्होंने नीतीश सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए झंझारपुर की घटना पर दुख भी जताया।

Shivam BajpaiThu, 25 Nov 2021 07:30 AM (IST)
जमुई पहुंचे नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी।

संवाद सहयोगी, जमुई : बिहार सरकार में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जदयू ने 15 साल बेमिसाल का नारा यूं ही नहीं दिया है। वह बुधवार को शहर के द्वारिका विवाह भवन में आयोजित 15 साल बेमिसाल कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा इसके पीछे मजबूत तर्क है। प्रदेश में समावेशी विकास धरातल पर उतारने में कामयाबी मिली है। राज्य का चप्पा-चप्पा 15 साल पहले की बदहाली और फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में किए गए विकास की गाथा बयां कर रहा है। प्रभारी मंत्री ने बजट का ही उदाहरण देते हुए कहा कि 22,000 का बजट 2,18,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया जो पूर्व की सरकार के बजट से 10 गुना है।

अशोक चौधरी ने सवालिया लहजे में कहा कि 2007 से पहले अनुसूचित जाति जनजाति के लिए अलग से कोई विभाग और बजट का प्रावधान था क्या। मंत्री ने व्यंग वाहन से राजद को वेधते हुए कहा कि तब चरवाहा विद्यालय खोले जा रहे थे और अब प्रदेश में एनआईटी, मेडिकल, इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक सहित अन्य शिक्षण संस्थान खुल रहे हैं। उनकी सरकार ने बच्चों को भैंस पर चढ़कर पढ़ने के लिए कह कर पढ़ाई का मजाक उड़ाया और हमारी सरकार ने साइकिल और पोषाक देकर पढ़ाई के प्रति बेटे और बेटियों की ललक बढ़ाई। आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि पूर्व की 11000 किलोमीटर जर्जर सड़कों की मरम्मती के साथ चौड़ीकरण के अलावा 7000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण कराया।

- पूर्व की सरकार से बढ़ गया बिहार का 10 गुना बजट - धरातल पर उतरा है समावेशी विकास - झंझारपुर की घटना को बताया दुखद, कहा हर जगह होते हैं एकाध सिरफिरे, होगी सख्त कार्रवाई - 15 साल बेमिसाल कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे प्रभारी मंत्री - द्वारिका विवाह भवन में कार्यक्रम हुआ आयोजित

ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़कों का जाल बिछा। नदी के दो किनारों को पाटने के लिए आवश्यकतानुसार पुल का निर्माण कराया गया। 15 वर्षों में 34 रेल ओवर ब्रिज का निर्माण हो गया और 15 पर निर्माण कार्य जारी है। 54 आरओबी प्रक्रियाधीन है। गंगा, सोन और बागमती नदी पर कितने पुल बने यह बताने की जरूरत नहीं है। जल जीवन हरियाली अभियान से हरियाली का दायरा वृहत हुआ है। कृषि के क्षेत्र में बिहार को पांच-पांच बार कर्मण पुरस्कार मिलना कोई मामूली बात नहीं है। झंझारपुर की घटना को लेकर भी मंत्री ने सरकार का नजरिया स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं जिन सिरफिरे लोगों द्वारा की जाती है, उनके विरुद्ध सरकार ने सख्ती से कार्रवाई का निर्देश दे रखा है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह ने भी 15 साल की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि जमुई में ही 15 साल का विकास दिख रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ईं शंभू शरण ने की। कार्यक्रम को जमुई में संगठन प्रभारी पूर्व विधायक रणविजय सिंह, शांतनु कुमार सिंह, ब्रह्मदेव रावत, सुनीता देवी, सुभाष पासवान सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

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