Bihar: घर-घर किया जाएगा पालीथिन बैग का संग्रह, प्लास्टिक से बनाई जाएगी सड़क, रोजगार के भी मिलेंगे अवसर

रोजगार के अवसर घर-घर किया जाएगा पालीथिन बैग का संग्रह। प्लास्टिक के बदले लोगों को कंपनी करेगी छह रुपये किलोग्राम की दर से भुगतान। पांच वार्डों में खुलेगा रिसाइकिल बैंक दिसबंर माह में कंपनी शुरू करेगी कार्य। इससे पर्यावरण की सुरक्षा भी होगी।

Dilip Kumar ShuklaWed, 24 Nov 2021 11:31 PM (IST)
पालीथिन बैग का संग्रह कर बनाई जाएगी सड़क।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। अब प्लास्टिक से बनाई जाएगी सड़क। इसके लिए घर-घर पालीथिन बैग का संग्रह किया जाएगा। प्लास्टिक के बदले लोगों को कंपनी करेगी छह रुपये किलोग्राम की दर से भुगतान करेगी। शहर के पांच वार्ड में खुलेगा रिसाइकिल बैंक। दिसबंर माह में कंपनी कार्य शुरू करेगी।

शहरी क्षेत्र को प्लास्टिक से मुक्त करने की कवायद शुरू की जाएगी। आधुनिकता के दौर में प्लास्टिक व कैरीबैग उपयोग का प्रचलन बढ़ा है। शहर में प्रतिदिन 250 मीट्रिक टन में करीब 225 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे की मात्रा रहती है। इससे नाले का जलनिकासी प्रभावित होती है और मवेशी भी चट कर रहे हैं। पर्यावरण के लिए खतरनाक बन रहे प्लास्टिक उत्पादों से निपटने की निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। निजी कंपनी अब नगर निगम के प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन करेगा। इसके लिए निगम से कोई शुल्क कंपनी की ओर से नहीं लिया जाएगा। सिंगापुर की यशफुल सर्किल कंपनी दिल्ली व वाराणसी में कार्य कर रही है। बिहार में पहला जिला भागलपुर होगा जहां कंपनी दिसबंर से कार्य शुरू करेगी। निगम के बोर्ड से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू होगा।

गली-मोहल्ले को प्लास्टिक कचरे से निजात मिलेगी

अब शहरवासियों को प्लास्टिक व कैरीबैग कूड़ेदान में फेंकने की जरूरत नहीं है। कैरीबैग में सामग्री लाने के बाद कूड़े में डालने के बजाय अब इसे संभालकर रखेंगे। कंपनी इसे छह रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदारी करेगी। इससे गली-मोहल्ले को प्लास्टिक कचरे से निजात मिलेगी।

पांच वार्डों से होगी शुरुआत

प्लास्टिक मुक्त शहर अभियान के लिए पहले चरण में कंपनी ने पांच वार्डों से कार्य शुरू करेगा। इसमें वार्ड 21, 18, 20, 22 व 38 में प्रायोगिक रूप से कार्य करना है। इन वार्ड में घर-घर जाकर कंपनी के प्रतिनिधि कचरे का संग्रह करेगी। इन वार्ड में एक कंपनी का काउंटर होगा, जहां लोग प्लास्टिक जमा कर सकेंगे। इस काउंटर को रिसाइकिल बैंक का नाम दिया गया है।

प्लास्टिक से उत्पाद होगा तैयार

शहर में बिखरे पड़े प्लास्टिक का उपयोग सड़क निर्माण भी कराया जाएगा। प्लास्टिक सामग्री को सीमेंट भट्टों, अपशिष्ट को ऊर्जा संयंत्रों और ईंधन संयंत्र के साथ रिसाइकिल योग्य प्लास्टिक कचरे को प्रोसेस‍िंंग प्लांट में भेजा जाएगा। भागलपुर मेें जमा प्लास्टिक का बंडल तैयार करने के लिए आटोमैटिक व हैंड बेलिंग  मशीन स्थापित किया जाएगा। इसके लिए निगम से भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है।

एप की मिलेगी सुविधा

शहरी क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए डिजिटल प्लेटफार्म भी तैयार किया है। शहरवासी के लिए एप भी तैयार किया है। जिससे लोगों को रिसाइकिल बैंक काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं होगी। यह बिहार का पहला शहर होगा जहां घर-घर प्लास्टिक का संग्रह करने कंपनी की टीम जाएगी। लोगों को एप डाउनलेाड कर उसपर काल व संदेश लिखना होगा। जिसके माध्यम से लोग सूचना देंगे और उठाव भी होगी।

दिसंबर में कंपनी द्वारा पांच वार्ड में कार्य शुरू होगा। निगम बोर्ड से अनुमति मिलने का इंतजार है। कंपनी की तैयारी पूरी है। बेलिंंग प्लांट स्थापित करने के लिए जगह मांगी गई है। - देवाशीष बनर्जी, बिजनस डवलपमेंट मैनेजर, यशफुल सर्किल प्रा. लि.

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.