Bhagalpur News: निगम की लापता जमीन को खोजने का मेयर ने निगम कर्मियों को दिया टास्क, पीपरपांती व बबरगंज थाना के सामने बेकार पड़ी है जमीन

नगर निगम की अतिक्रमित जमीन की खोज की जाएगी।

नगर निगम की अतिक्रमित जमीन की खोज की जाएगी। दरअसल कई ऐसे जमीन है जिसका पर्याप्त लेखा-जोखा तक निगम के पास नहीं है। अगर अतिक्रमण है तो उसे खाली कराने की कवायद तक नहीं हुई। अब इस पर काम शुरू हो गया।

Abhishek KumarWed, 03 Mar 2021 09:27 PM (IST)

जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहर में नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है। अधिकांश जमीन पर या तो किसी ने कब्जा कर रखा है। कई ऐसे जमीन है जिसका पर्याप्त लेखा-जोखा तक निगम के पास नहीं है। अगर अतिक्रमण है तो उसे खाली कराने की कवायद तक नहीं हुई। नाथनगर के पीपरपांती में एनएच 80 के किनारे कीमती जमीन भी बेकार पड़ी। अब जमीन के आसपास के लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसकी चारदीवारी कराने को निगम के पास योजना नहीं है। वहीं नाथनगर प्रखंड के कौआकोली में निगम के जमीन पर बस्ती बस गई है।

बबरगंज थाना के सामने निगम अपनी जमीन को खाली नहीं करा पाया। जबकि कोर्ट से निगम के पक्ष में फैसला आया था। वहीं कला केंद्र व घंटाघर के सामने चर्च की जमीन को निगम ने लीज पर दिया था। इसका लीज समाप्त हो गया है। कंपनीबाग में निगम का तालाब अतिक्रमित हो चुकी है। इससे जल जीवन हरियाली अभियान से तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य अवरूद्ध है। इसे अतिक्रमणमुक्त कराने को जगदीशपुर सीओ को पत्र लिखकर निगम अपना पल्ला झाड़ रखा है।

वहीं शहर के बीचोबीच मंसूरगंज में निगम का 11 क_ा जमीन भी अतिक्रमण्कारी के कब्जे में हैं। यहां वर्ष 1865 से मछली व मांस का मार्केट हुआ करना था। लंबे समय से तीन अलग-अलग पक्का भवन में दुकानों के संचालन हुआ। लेकिन 1988 के करीब एक भवन जर्जर होकर ध्वस्त हो गया। हाल के छह वर्ष में दूसरा भवन गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद नगर निगम के तत्कालीन मेयर दीपक भुवानिया ने मार्केङ्क्षटग कांपलेक्स निर्माण का प्रस्ताव भी लिया था। लेकिन अब तक अमल नहीं हुआ।

इतने जमीन रहते निगम वार्ड कार्यालय, वेंडिंग जोन, पार्क व जोनल कार्यालय के निर्माण को लेकर जमीन तलाश कर रहा है। इस मामले को मेयर सीमा साहा ने गंभीरता से लिया है। निगम कर्मियों से जमीन से संबंधित पूरी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सर्वे कर उसकी सूची मांग ली है। कहां कितना जमीन नहगम की बेकार पड़ी है। उसका उपयोग किया जाएगा। इस संबंध में मेयर ने प्रभारी नगर आयुक्त प्रफुल्ल यादव से विचार-विमर्श भी किया है। नगर आयुक्त ने कहा कि मंसूरगंज में निगम की जमीन का स्थल निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता अनुसार कार्य योजना तैयार किया जाएगा।  

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