भागलपुर के इस गांव में गंगा किनारे उपन्यास लिखते थे बंकिमचंद्र चटर्जी, जानिए क्यों है खास

आदर्श ग्राम पंचायत पश्चिमी भिट्ठा का दुर्गा मंदिर। जागरण।

भागलपुर की आदर्श ग्राम पंचायत पश्चिमी भिट्ठा की अपनी पहचान है। यहां पर महान कथाशिल्‍पी बंंकिमचंद्र चटर्जी गंगा किनारे बैठक कर उपान्‍यास लिखा करते थे। उनसे जुड़ी कई चीजें आज भी यहां मौजूद हैं। साथ ही अंग्रेस सरकार यहां से कर वसूलती थी।

Abhishek KumarThu, 15 Apr 2021 12:20 PM (IST)

नवगछिया [ललन राय]। गंगा नदी के किनारे बसी इस्माइलपुर प्रखंड की आदर्श ग्राम पंचायत पश्चिमी भिट्ठा की अपनी अलग पहचान है। यहां देश के जाने-माने महान उपन्यासकार बंकिम चंद्र चटर्जी गंगा किनारे बैठकर अपने उपन्यास की रचना करते थे। इस पंचायत में अंग्रेजी हुकूमत से पूर्व ही इस्माइलपुर कचहरी टोला स्थापित है, जिसका वर्षों पुराना इतिहास है। यहां लोगों से अंग्रेज लगान की वसूली करते थे।

यहां ग्राम कचहरी से लेकर देवी दुर्गा की मंदिर के अलावा प्रखंड मुख्यालय स्थापित है। यह पंचायत गंगा नदी के बाढ़ और कटाव से प्रभावित है। बाढ़ व कटाव से बचाव के लिए स्थाई निदान की जरूरत है। यहां पर अभी भी विकास की जरूरत है। इस पंचायत में बैंङ्क्षकग के अलावा कई सुविधाएं तो हैं, लेकिन लोगों को इसका लाभ नहींं मिल पा रहा है।

इस्माइलपुर पश्चिमी भिट्ठा का इतिहास

इस्माइलपुर पश्चिमी भिट्ठा का इतिहास यहां पर बरसों पुरानी दुर्गा मंदिर है, जिसे यहां के जमींदार आतीष कुमार घोष द्वारा अपनी जमीन देकर स्थापित करवाया था।

पंचायत इस्माइलपुर पपश्चिमी भिट्ठा

पंचायत में कुल वार्डों की संख्या 16

गांव की संख्या 6

राजस्व ग्राम दो

जनसंख्या 10500

कुल मतदाता 4123

पुरुष मतदाता 2186

महिला मतदाता 1930

पंचायत का क्षेत्रफल 1497

कृषि योग्य भूमि 494 हेक्टेयर

और ङ्क्षसचित भूमि एक सौ हेक्टेयर

प्राथमिक विद्यालय 3

मध्य विद्यालय एक

उत्क्रमित उच्च विद्यालय टेन प्लस टू

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एक

आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 10

उप स्वास्थ्य केंद्र दो

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीएससी एक

प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय एक

डाकघर एक

प्रखंड मुख्यालय सह अंचल मुख्यालय

अंबेडकर चौपाल तीन

पंचायत भवन एक

जन वितरण प्रणाली की दुकान 4

आशा कार्यकर्ता 8

कौशल विकास केंद्र जो बंद पड़ा है

एक सामुदायिक शौचालय

वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2020 तक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 259 लोगों को आवास मिला। वहीं इंदिरा आवास वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, निश्शक्त पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, लक्ष्मीबाई पेंशन इत्यादि 930 लाभुकों को दिया गया है।

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत 6 वार्ड में हर घर नल योजना का लाभ पंचायत स्तर से दिया गया है। साथ ही पंचायत के सभी वार्ड में हर गली मोहल्ले में पक्की सड़क एवं प्रेवर ब्लॉक से सड़क बनाई गई है।

कब बनी आदर्श गांव

वर्ष 2014 से 2019 के कार्यकाल में भागलपुर के सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल द्वारा इस पंचायत को आदर्श ग्राम घोषित किया गया था। जिसके तहत यहां पर कुछ कार्य हुए, लेकिन अब तक आधा अधूरा ही है।

क्या कहते हैं मुखिया प्रतिनिधि सह पूर्व मुखिया

मुखिया प्रतिनिधि सह पूर्व मुखिया मनोहर कुमार बताते हैं कि यह पंचायत एक आदर्श पंचायत पूर्व सांसद बुलो मंडल द्वारा घोषित की गई थी। इस पंचायत को अनुमंडल मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय से मुख्य सड़क निर्माण के साथ-साथ इस पंचायत को बाढ़ एवं कटाव से स्थाई निदान के लिए पंचायत के चारों ओर तटबंध का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए यहां पर सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो इसकी व्यवस्था की जाए। जो भी विकास हुआ है। वह पंचायत स्तर पर ही हुआ है।

क्या कहती हैं मुखिया

पंचायत की मुखिया प्रीति कुमारी बताती हैं कि मैं इस पंचायत की मुखिया हूं। स्नातक पास हूं, लेकिन इस पंचायत के लोगों को उच्च शिक्षा दिलाना हमारी प्राथमिकता है। यहां के लोगों को हम शिक्षा से जोडऩे के साथ-साथ यहां पर मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में उत्क्रमित करने के अलावा पंचायत में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की स्थापना किया जाए। इस पंचायत में पुस्तकालय, पंचायत सरकार भवन का निर्माण सहित तोरण द्वार का निर्माण करना बाकी है, जिसे पूरा करना मेरा लक्ष्य है।

कहते हैं सरपंच प्रतिनिधि

सरपंच प्रतिनिधि महादेव मंडल बताते हैं कि इस्माइलपुर उसी में भि_ा पंचायत के साथ-साथ प्रखंड में काफी मात्रा में सब्जी के अलावा अन्य फसलों की खेती की जाती है। इसके रखरखाव के लिए गोदाम कृषि विभाग से बनाने की योजना है, क्योंकि यहां पर अनाज भंडारण के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं है।

क्या कहते हैं वार्ड सदस्य सचिव

वार्ड सचिव अजय कुमार कहते हैं कि आजादी के बाद पहली बार एक दशक से पंचायत का जिस तरह विकास ग्राम पंचायत के समग्र सदस्यों के माध्यम से किया गया है यह काफी सराहनीय है।

क्या कहते हैं ग्रामीण किसान

ग्रामीण किसान बबलू गोस्वामी बताते हैं कि इस समय खेती महंगी हो गई है। पटवन हो या बीज, बिहार सरकार अगर इस पंचायत के आसपास स्टेट टुबेल का लाभ किसानों के खेतों तक दे दे तो किसानों की खेती में कुछ मदद होगी। इसलिए पंचायत बोङ्क्षरग की व्यवस्था किया जाए।

युवा ग्रामीण खतर ठाकुर एवं मनोज मंडल

पंचायत के युवा ग्रामीण खतर ठाकुर एवं मनोज मंडल बताते हैं कि हम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं है हम लोग यहां पर पंचायत से लेकर प्रखंड तक में शिक्षा का समग्र विकास हो, जिससे गांव के युवाओं को स्वरोजगार के अलावा सरकारी एवं गैर गैर सरकारी संस्थानों में रोजगार की व्यवस्था सुलभ हो सके।  

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