मैट्रिक और इंटर की तरह अब एसटीईटी पास कराने के लिए फोन कर मांग रहे रुपये, इस तरह शिकार हो रहे लोग

बांका में एसआईटी की परीक्षा पास कराने के नाम पर शातिर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

बांका में एसआईटी की परीक्षा पास कराने के नाम पर शातिर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। क्वालिफाइंग के लिए आवेदकों से 50 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। जिला के दर्जन भर अभ्यर्थी को इस तरह के फोन आ चुके हैं।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 01:35 PM (IST) Author: Abhishek Kumar

 जागरण संवाददाता, बांका। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक और इंटर परीक्षा पास कराने और अच्छे अंक दिलाने के लिए सक्रिय साइबर ठग गिरोह अब शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल आवेदकों से ठगी में जुट गया है। पिछले एक सप्ताह के दौरान जिला के दर्जन भर आवेदकों को इसका फोन आ गया है। आवेदक को उसका सारा डिटेल बताकर उस कोटि की क्वालिफाइंग से कुछ कम आने की जानकारी दी जा रही है। इसके बाद इस अंक को मनमाना तरीके से बढ़ाने के लिए 50 हजार रूपया मांगा जा रहा है। आवेदक को अभी बैंक अकाउंट नंबर भेजकर इसमें 10 हजार रूपया तत्काल भेजने को कहा जा रहा है। बांकी राशि रिजल्ट आने के बाद जमा करने को कहा जा रहा है।

टीसीएस कंपनी द्वारा रिजल्ट बनाने का दावा

मोबाइल पर आ रहे फोन में बताया गया कि बिहार की इस परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने का टेंडर कोलकाता की टीसीएस कंपनी और वेल्ट्रॉन ने लिया है। रिजल्ट का काम अंतिम चरण में है। जनवरी अंत तक सभी परीक्षार्थी का रिजल्ट भी जारी किया जाना है। फोन अलग-अलग परीक्षार्थी को अलग-अगले नंबर से आ रहा है। एक ने अपने को टीसीएस का कर्मी बताते हुए अपना नाम संतोष कुमार यादव बताया। साथ ही राशि भेजने के लिए परीक्षार्थी को बैंक अकाउंट का डिटेज भी भेजा है। मालूम हो कि हाईस्कूल और इंटर स्कूल में शिक्षक बहाली के लिए नौ सितंबर 2020 को परीक्षा का आयोजन हुआ है। पिछले साल की परीक्षा को बोर्ड को ही रद कर दिया था।

परीक्षार्थी को सताने लगा रिजल्ट प्रभावित होने का डर

आवेदक सजन कुमार, आलोक कुमार आदि ने बताया कि उन्होंने बताया कि फोन से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। फोन करने वाला आवेदक का सारा डिटेल बता रहा है। निश्चित रूप से रिजल्ट में गड़बड़ी की तैयारी हो रही है। सरकार को अविलंब इस पर लगाम लगाने का प्रयास करना चाहिए। 50 हजार रूपया एटीईटी पास कराने का फोन आना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन लोागें ने तो रूपया नहीं दिया है, लेकिन कुछ छात्रों द्वारा रूपया दिए जाने की बात सामने आ रही है। इससे अधिकांश मेधावी परीक्षार्थी की परेशानी बढ़ गई है।

साइबर ठग इस तरह का काम करते हैं। इसमें सच्चाई नहीं के बराबर होती है। कोई आवेदक इसके झांके में नहीं आए। अगर आवेदक इसकी लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज कराते हुए हैं तो साइबर सेल जांच-पड़ताल करेगी। -अरविंद गुप्ता, एसपी।

 

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