Banka coronavirus update: किसान सलाहकार और मिठाई दुकानदार की मौत से दहशत, लॉकडाउन के भय से अपने घर लौट रहे हैं प्रवासी

Banka coronavirus update: बांका में कोरोना संक्रमण का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है।

Banka coronavirus update बांका में कोरोना संक्रमण का मामला तेजी से बढ़ता जा रहा है। दो दिन पहले दो लोगों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। इसको देखते हुए प्रशासन ने भी सख्‍ती बढ़ा दिया है। जगहर जगह मास्‍क चेकिंग की जा रही है।

Abhishek KumarThu, 22 Apr 2021 04:38 PM (IST)

संवाद सूत्र,कटोरिया (बांका)।  कोल्हासार पंचायत का किसान सलाहकार का कोरोना संक्रमण से ङ्क्षजदगी हार गई। मंगलवार की रात देवघर के एक प्राइवेट अस्पताल मे उनकी मौत हो गई। मृतक किसान सलाहकार की तबीयत 18 अप्रैल को तेज बुखार सर्दी खांसी सांस लेने में दिक्कतें हो रही थी। जिसे कटोरिया रेफरल अस्पताल में दिखाया गया जो ऑक्सीजन पर रखा गया । हालत बिगड़ते देख उसे देवघर रेफर कर दिया गया । जहां सदर अस्पताल देवघर में सीट खाली नहीं होने की वजह से उसे भर्ती नहीं लिया गया । एक प्राइवेट क्लिनिक में भर्ती कराया गया। जहां उनका चेकअप कर घर वापस भेज दिया गया ।

वहीं, 19 अप्रैल को सांस लेने में काफी दिक्कत आने पर आनन-फानन में उसे प्राइवेट अस्पताल देवघर ले गया। जहां उनका रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकला, जो मौत हो गई। वहीं मृतक को अपना आवास बसमत्ता पंचायत के कालझर गांव ले जाकर गडूरा नदी में दफनाया गया। इधर, बीडीओ डॉ. कुमार सौरभ व प्रशासनिक चिकित्सा पदाधिकारी विनोद कुमार ने बताया मृतक किसान सलाहकार को कोरोना पॉजिटिव से मौत होने की सूचना नहीं है। कृषि पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि किसान सलाहकार के निधन से प्रखंड वासी सदमे में है। वहीं, दूसरी घटना कटोरिया के रेलवे स्टेशन ओवर ब्रिज के समीप एक मिठाई दुकानदार मंगलवार की रात कोरोना से मौत हो गयी। पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे । जिसका इलाज रेफरल अस्पताल कटोरिया में कराया गया। उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। उसे सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर उसे देवघर ले जाया जा रहा था,जो इनारावरण के समीप उसने दम तोड़ दिया । इस घटना को लेकर अलग-अलग दो व्यक्ति का मौत होने पर लोगों में शोक है।

वहीं, लॉकडाउन के भय से प्रवासियों का लौटने का क्रम जारी है। गुजरात के सूरत में काम कर रहे प्रखंड क्षेत्र के कुडऱो गांव निवासी श्यामाचरण पांडे अपने गांव के ही दो अन्य प्रवासी नवरत्न कुमार पांडे एवं रंजीत राउत के साथ चार दिन की यात्रा के बाद बुधवार को अपने गांव पहुंचे। प्रवासी श्यामाचरण पांडे ने बताया कि सूरत के एक गैस कंपनी में काम करते हैं। वहां करीब 20 वर्षों से रह रहे हैं। पर पिछले वर्ष लॉकडाउन होने के बाद 13 महीना सूरत में ही फंसे रह गए। इस दौरान कंपनी भी बंद हो गई और कई तरह की परेशानी से गुजरना पड़ा । वापस घर में आने के बाद मार्च के महीने में ही अभी सूरत गए हुए थे।

लेकिन कोरोना संक्रमण की हालत बिगडऩे के बाद फिर से एक बार लॉक डाउन होने के डर की वजह से वापस अपने घर लौट गए। सूरत से घर लौटने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन में टिकट नहीं मिलने से 18 अप्रैल को बस की यात्रा करनी पड़ी और तीन अलग-अलग जगहों से यात्रा करने के बाद प्रति व्यक्ति पर पांच हजार यात्रा खर्च करने के बाद चार दिन पर घर पहुंचे हैं। तीन लोगों के घर पहुंचने में करीब 15 हजार का खर्च पड़ गया। घर पहुंचने के पहले रेफरल अस्पताल सुबह सात बजे कोरोना जांच के लिए पहुंचे । पर चार घंटे की लंबी इंतजार करने के बाद कोरोना की जांच हो पाई। प्रखंड क्षेत्र में ऐसे कई प्रवासी

लॉकडाउन होने के भय से अपने घर लौट रहे हैं। वहीं

प्रवासियों ने सरकारी स्तर पर किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिलने से आक्रोश व्यक्त किया है।

 

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