बच्चा, आधा और खंभा; बिहार में इस कोड वर्ड से होती है शराब की तस्‍करी, जानिए इसका मतलब

बिहार में शराबबंदी है। इसके बावजूद यहां तस्‍करी जारी है। कोड वर्ड का उपयोग कर शराब की तस्करी की जा रही है। दो दर्जन मोबाइल नंबर सर्विलांस पर। बच्चा आधा व बंगाल झारखंड का खंभा जैसे शब्दों का उपयोग।

Dilip Kumar ShuklaMon, 29 Nov 2021 05:27 PM (IST)
बिहार में शराबबंदी के बाद भी शराब की खरीद-बिक्री जारी है।

कटिहार [नीरज कुमार]। शराबबंदी को लेकर लगातार सख्ती बरते जाने के बाद शराब तस्कर पुलिस व उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहा है। इसको लेकर करीब दो दर्जन मोबाइल नंबरों को पुलिस ने सर्विलांस पर रखा है। शराब की होम डिलीवरी के लिए बच्चा, आधा व झारखंड, बंगाल का खंभा जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बच्चा का मतलब 150 एमएल, आधा 350 एमएल तथा खंभा 750 एमएल की शराब की बोतल के लिए किया जा रहा है। झारखंड व बंगाल का खंभा नाम कीमत के आधार पर तस्करों द्वारा तय किया गया है। झारखंड से तस्करी के माध्यम से लाई गई 750 एमएल अंग्रेजी शराब केलिए 1200 रूपये तथा बंगाल ब्रांड की शराब के लिए 1500 रूपये कीमत तस्करों द्वारा ली जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक होम डिलीवरी के तय स्थान तक शराब की खेप पहुंचाने के लिए अलग से तय राशि वसूली जाती है। पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही छापामारी के कारण तस्करी के इस काले खेल में कुछ हद तक कमी आई है। लेकिन कोड वर्ड के सहारे शराब तस्करी का खेल बदस्तूर जारी है। शादी विवाह का समय होने के कारण इसमें और तेजी आई है।

बच्चा, आधा नहीं तो काट कर दे दो

शराब तस्करों ने होम डिलीवरी के लिए संबंधित का मोबाइल नंबर तक रजिस्टर्ड कर रखा है। उथ्त नंबर से काल आने पर ही शराब की डिलीवरी तथा सौदा पक्का किए जाने का काम किया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अंग्रेजी शराब का छोटा पैक नहीं होने की बात तस्कर द्वारा कहे जाने पर मंगाने वाला काट कर दे दो जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल करता है। काट कर देने का अर्थ तस्करों की भाषा में बड़े बोतल से छोटी बोतल में शराब की रिपैकिंर डिलीवरी करने का मतलब होता है।

समय के अनुरूप तस्कर बदल रहा कोड वर्ड

समय के अनुरूप शराब तस्करों द्वारा कोड वर्ड बदला जा रहा है। किसी शराब तस्कर की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कोड वर्ड की स्वीकारोक्ति भनक लगते ही स‍िंडिकेट में शामिल अन्य तस्कर इस धंधे में इस्तेमाल होने वाले अपने पुराने कोड वर्ड को बदल देते हैं। इसकारण कोड वर्ड के आधार पर तस्करों व डिलीवरी ब्वाय की गिरफ्तारी भी पुलिस व उत्पाद विभाग के लिए चुनोती बन रही है।

शराबबंदी को लेकर लगातार सख्ती बरती जा रही है। शराब तस्करों द्वारा कोड वर्ड का उपयोग करने की बात पूर्व में भी सामने आई है। इसको लेकर सूचना तंत्रं मजबूत करने के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शराब की खेप के साथ तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है। - केशव कुमार झा, उत्पाद अधीक्षक, कटिहार

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