भागलपुर में किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक बन रहे बीज वितरण में बाधक, सात कर्मियों पर गिरी गाज

भागलपुर में बीज वितरण में लापरवाही को लेकर किसान सलाहकार और कृषि समन्‍वयकों पर कार्रवाई की गई है। ऐसे सात कर्मियों के वेतन को रोक दिया गया है। दरअसल रबी फसल की बुआई का काम शुरू हो गया है लेकिन...

Abhishek KumarPublish:Mon, 06 Dec 2021 12:29 PM (IST) Updated:Mon, 06 Dec 2021 12:29 PM (IST)
भागलपुर में किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक बन रहे बीज वितरण में बाधक, सात कर्मियों पर गिरी गाज
भागलपुर में किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक बन रहे बीज वितरण में बाधक, सात कर्मियों पर गिरी गाज

जासं, भागलपुर। बीज वितरण में लापरवाही बरतने वाले आठ किसान सलाहकार व कृषि समन्यवकों का दिसंबर माह का वेतन रोक दिया गया है। इस आशय का आदेश जिला कृषि पदाधिकारी कृष्ण कांत झा ने रविवार को जारी कर दिया है।

सबौर के रजंदीपुर पंचायत के किसान सलाहकार पंकज कुमार व कृषि समन्वयक सुशील कुमार, नाथनगर प्रखंड के गोसाईंदासपुर पंचायत के किसान सलाहकार मनोज कुमार मंडल व कृषि समन्वयक अनुरंजन कुमार, गोराडीह प्रखंड के सोनूडीह सतजोरी पंचायत की किसान सलाहकार रंजना कुमारी व कृषि समन्वयक पंकज कुमार, पीरपैंती प्रखंड के मोहनुर पंचायत के किसान सलाहकार मुंद्रिका दास व कृषि समन्वयक अरविंद कुमार मंडल, श्रीमतपुर गोपालीचक पंचायत के किसान सलाहकार रामाशीष यादव व कृषि समन्वयक पवन, सुल्तानगंज प्रखंड के कमरजंग पंचायत के किसान सलाहकार गुलाबी मंडल व कृषि समन्वयक मुकेश कुमार, सन्हौला प्रखंड के सनोखर पंचायत के किसान सलाहकार संतोष कुमार व कृषि समन्वयक सुभाष सूर्य, जगदीशपुर प्रखंड के पुरैनी उत्तरी पंचायत के किसान सलाहकार संजीव कुमार व कृषि समन्वयक पंकज कुमार का वेतन रोक दिया गया है।

रबी 2020-21 में विभिन्न योजनान्तर्गत बीज वितरण कार्यक्रम में शिथिलता बरतने, किसानों को बीज की योजना के लाभ से वंचित करने, पंचायतों में सबसे खराब प्रदर्शन करने के कारण वेतन पर रोक लगाई गई है। जिला कृषि पदाधिकारी ने इन कर्मियों को निर्देश दिया है कि छह दिसंबर तक अपने पंचायत में बीज उपलब्धता के अनुरूप लक्ष्य का 75 फीसद वितरण नहीं करने पर निलंबन व चयनमुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

अभी तक जोर नहीं पकड़ा है रबी की बुआई

इस बार रबी फसल की बुआई ने रफ्तार नहीं पकड़ी है। जबकि पिछले साल दिसंबर के प्रथम सप्ताह में ज्यादातर किसानों ने फसल की बुआई कर ली थी। हालांकि इस बार खेतों में नमी के कारण भी धान की कटाई में देरी हुई है। कृषि विज्ञानियों की माने तो किसानों को 15 दिसंबर तक रबी फसल की बुआई कर देनी चाहिए। इसके बाद करने पर पिछात माना जाएगा।