RTI कार्यकर्ता की शिकायत पर PMO का एक्शन, अब होगी भागलपुर स्मार्ट सिटी के कार्यों की जांच

RTI कार्यकर्ता ने कार्यों में धांधली बरतने की शिकायत की थी। इसके लिए उसने PMO को पत्र लिखा था। इस पत्र को संज्ञान में लिया गया है। अर्बन डवलपमेंट के प्रधान सचिव को जांच कराने का आदेश दिया गया है।

Shivam BajpaiMon, 29 Nov 2021 08:49 AM (IST)
पीएमओ ने लिया संज्ञान, स्मार्ट सिटी के कार्यों की होगी जांच

जागरण संवाददाता, भागलपुर : अब भागलपुर स्मार्ट सिटी के कार्यों की जांच होगी। गर्वमेंट आफ इंडिया के मिनिस्ट्री आफ आउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (स्मार्ट सिटी सेक्शन-1) के अंडर सेक्रेटरी प्रवीण कुमारी ने अर्बन डवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव को कार्यों की जांच कराने का निर्देश दिया है। प्रवीण कुमारी ने आरोप की जांच कराकर कार्रवाई करने को कहा है। इसकी जानकारी भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के चीफ एसक्यूटिव आफिसर को भी पत्र के माध्यम से भेजी गई है।

आरटीआइ कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह ने स्मार्ट सिटी में होने वाले कार्यों से संबंधित जानकारी भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड से मांगी थी। साथ ही चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी मांगी थी। कई बार आग्रह के बाद भी स्मार्ट सिटी द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद अजीत कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र भेजकर भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा कराए जा रहे कार्यों में धांधली का आरोप लगाते हुए सीबीआइ या विजिलेंस से जांच कराने की मांग की थी।

प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे पत्र में उन्होंने कहा था कि 24 मई 2016 को भागलपुर स्मार्ट सिटी की घोषणा हुई थी, लेकिन अभी तक भागलपुर वासियों को स्मार्ट सिटी का लाभ नहीं मिल पाया है। ऐसा लग रहा है कि उक्त योजना में यहां लूट मची है। जमीनी स्तर पर कार्य नगण्य है। जो भी कार्य धरातल पर है वह न्यूनतम व महाघटिया दिख रहा है। मापदंड का पालन नहीं हो रहा। कागजी घोड़ा दौड़ रहा है।

- आरटीआइ कार्यकर्ता ने की थी कार्यों में धांधली बरतने की शिकायत - अर्बन डवलपमेंट के प्रधान सचिव को जांच कराने का आदेश - 24 मई 2016 को हुई थी भागलपुर स्मार्ट सिटी की घोषणा, भागलपुर वासियों को अभी तक नहीं मिल पाया है स्मार्ट सिटी का लाभ - 25 नवंबर को पत्र जारी कर प्रधान सचिव को मामले की जांच कराने को कहा

पत्र मे लिखा गया, 'सरकार की राशि पानी की तरह बहाकर यहां लोक राशि की लूट मची है। स्मार्ट सिटी भागलपुर की संपूर्ण योजना की जांच सीबीआइ, विजिलेंस या किसी निष्पक्ष टीम से कराई जाए। इस पत्र पर संज्ञान लेते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले की जांच कराने का आदेश दिया है। विभाग ने 25 नवंबर को पत्र जारी कर विभागीय प्रधान सचिव को मामले की जांच कराने को कहा है।'

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